उदयपुर। शहर में हाल ही में हुई एक महिला से मंगलसूत्र लूट की घटना का पर्दाफाश करते हुए सुखेर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही का परिणाम है, जिसने शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के बीच राहत की भावना पैदा की है।

थानाधिकारी रविन्द्र चारण ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 अक्टूबर को अंजली करोतिया पत्नी कैलाश रेगर, निवासी गांधीनगर (न्यू आरटीओ के पास, सुखेर) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अंजली ने बताया कि वह रीट परीक्षा की तैयारी कर रही है और इसके लिए यूनिक लाइब्रेरी में अध्ययन करती है। 2 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:30 बजे जब वह लाइब्रेरी से पैदल अपने घर लौट रही थी, तभी आरटीओ की बाउंड्री के पास उसे तीन युवकों ने निशाना बनाया।


पीड़िता के अनुसार, तीनों युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार थे। उनमें से एक ने पास आकर पूछा — “मीरा गर्ल्स कॉलेज किधर है?” — लेकिन वह जवाब दे पाती, उससे पहले ही बाइक चालक ने झपट्टा मारते हुए उसके गले से मंगलसूत्र छीन लिया और तीनों मौके से फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि अंजली कुछ पल के लिए सन्न रह गई। उसने बताया कि तीनों युवक पतले-दुबले शरीर के थे और उनकी उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष के बीच थी।

शिकायत दर्ज होने के बाद सुखेर थाना पुलिस ने तुरंत कार्यवाही शुरू की। थाना अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एएसआई सुनील विश्नोई, खुमाण सिंह, राजेन्द्र सिंह, हरीश चन्द्र सनाढ्य, हैड कांस्टेबल नारायण सिंह, नितेश मेनारिया, कांस्टेबल अचलाराम, राकेश कुमार, तरुण कुमार, कुलदीप सिंह और लोकेश रायकवाल शामिल थे।

टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय मुखबिरों और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए तीनों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पकड़े गए आरोपियों में मोतीलाल उर्फ सोनू पुत्र कालूलाल निवासी केलवाड़ा (हाल पालड़ी बड़गांव), राहुल पुत्र नटवरदास निवासी पालड़ी बड़गांव, और मनीष पुत्र विनोद निवासी फेरनियों का गुड़ा लोयरा शामिल हैं।

थानाधिकारी चारण ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनसे लूटा गया मंगलसूत्र बरामद करने के प्रयास जारी हैं। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि ये आरोपी आसपास के क्षेत्रों में भी छोटी-मोटी लूट की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। हालांकि पुलिस की तेज कार्यवाही और पेशेवर जांच ने यह स्पष्ट किया है कि कानून से बच निकलना आसान नहीं है।

सुखेर थाना पुलिस की इस सफलता ने न केवल पीड़िता को न्याय की दिशा में उम्मीद दी है, बल्कि शहरवासियों को भी यह संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस हर स्तर पर सक्रिय और प्रतिबद्ध है।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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