मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर खेरवाड़ा में आदिवासी कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वर्ष 1913 की ऐतिहासिक घटना और 2022 की घोषणा का भी उल्लेख किया गया।

तस्वीर में ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के कार्यकर्ता मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा में ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के उदयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष एडवोकेट रवि भावा अहारी के नेतृत्व में आदिवासी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि मानगढ़ धाम राजस्थान का ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण आदिवासी तीर्थस्थल है। वर्ष 1913 में स्वतंत्रता संग्राम में शामिल 1500 से अधिक आदिवासी समुदाय के लोग अंग्रेजी शासन की गोलियों का शिकार हुए थे। इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिए जाने की मांग आदिवासी समाज की ओर से लंबे समय से की जा रही है।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री द्वारा बांसवाड़ा जिले के दौरे के दौरान मानगढ़ धाम के विकास की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की आदिवासी समाज की मांग पूरी नहीं होने से समाज में निराशा है।
आदिवासी कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की कि ऐतिहासिक एवं आदिवासी समाज की भावनाओं से जुड़े मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देशित किया जाए। इससे यहां शहीद हुए आदिवासी वीरों की स्मृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सकेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आदिवासी कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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