उदयपुर। महावीर इंटरनेशनल अपेक्स के दिशा-निर्देशानुसार महावीर इंटरनेशनल उदयपुर केंद्र द्वारा आरोग्य प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर 4 में एक वृहद स्वास्थ्य जागरूकता एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए केंद्र अध्यक्ष रविंद्र सुराणा ने थैलेसीमिया जैसे गंभीर अनुवांशिक रक्त विकार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर सामान्य से कम हीमोग्लोबिन का निर्माण करता है, जिसके परिणामस्वरूप रोगी को अत्यधिक थकान, कमजोरी, त्वचा का पीलापन, चेहरे की हड्डियों में विकृति और शारीरिक विकास में मंदी जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। सुराणा ने इस बात पर विशेष बल दिया कि थैलेसीमिया का समय पर उपचार और व्यापक जागरूकता ही इससे बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुप्रसिद्ध प्रोफेसर डॉ. भूपेश जैन को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों को इस विकार की जटिलताओं और बचाव के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया।

स्वास्थ्य विमर्श के साथ-साथ इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। 'कपड़े की थैली-मेरी सहेली' अभियान के अंतर्गत अध्यक्ष रविंद्र सुराणा ने उपस्थित जनसमूह से प्लास्टिक बैग का परित्याग कर पर्यावरण रक्षा की भावुक अपील की। इस दौरान विद्यार्थियों को प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाने और प्लास्टिक कचरा बाहर न फेंकने की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई गई। इस मुहिम को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्य अतिथि डॉ. भूपेश जैन, विद्यालय की प्रधानाचार्या, समस्त अध्यापिकाओं और ज्ञानवर्धक प्रश्नों का सटीक उत्तर देने वाले मेधावी विद्यार्थियों को कुल 10 जूट बैग भेंट किए गए।

कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आयाम सेवा और सहयोग रहा, जिसमें शिक्षा और पोषण पर ध्यान केंद्रित किया गया। तिरुपति बालाजी चैरिटेबल ट्रस्ट के सौजन्य से विद्यालय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी, गणित और लाइनदार कापियों सहित कुल 300 कापियों का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त, वीर वर्द्धमान मेहता के सहयोग से महावीर इंटरनेशनल द्वारा 150 बिस्कुट के पैकेट वितरित किए गए, जिन्हें पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। यह संपूर्ण आयोजन न केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि समाज के वंचित वर्ग की सहायता कर एक अनुकरणीय उदाहरण भी प्रस्तुत किया, जो भविष्य में स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

Pratahkal HQ

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