महासती मंजुल ज्योति म.सा. का उदयपुर चातुर्मास 2026: 22 जुलाई को होगा मंगल प्रवेश
उपप्रवर्तिनी मंजुल ज्योति म.सा. के साथ 5 साध्वी भगवंतों का सानिध्य मिलेगा, दूधिया गणेशजी स्थित वर्धमान पुष्कर गुरु ध्यान केंद्र में तैयारियां शुरू।

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के श्री वर्धमान पुष्कर गुरु ध्यान केंद्र, दूधिया गणेशजी में वर्ष 2026 के चातुर्मास की मंगलकारी घोषणा के साथ ही धर्म जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई है। उपप्रवर्तिनी महासती मंजुल ज्योति म.सा. का आगामी चातुर्मास इसी पावन केंद्र में आयोजित होगा, जिसका औपचारिक चातुर्मास प्रवेश 22 जुलाई को सुनिश्चित किया गया है। इस आध्यात्मिक आयोजन की गरिमा बढ़ाने हेतु महासती मंजुल ज्योति म.सा. के साथ साध्वी वसुधा म.सा., साध्वी वंदिता म.सा., साध्वी विजेता म.सा. एवं साध्वी डॉ. वारीधी म.सा. सहित कुल पांच साध्वी भगवंतों का सानिध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
केंद्र के अध्यक्ष निर्मल पोखरना ने महासती जी के संयम पथ पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने पंजाब संप्रदाय में दीक्षा ग्रहण कर देश के विभिन्न प्रांतों में निरंतर विचरण किया है और जिनशासन की प्रभावना में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चातुर्मास के सफल क्रियान्वयन हेतु केंद्र के मंत्री प्रवीण पोरवाल ने जानकारी दी कि इस आयोजन को लेकर अम्बामाता, रामपुरा, नाई, बाघपुरा, झाड़ोल, वीरपुरा, गोराना, देवास, गोगुन्दा और सेरा प्रांत सहित शहर के समस्त उपनगरों के श्रावक-श्राविकाओं में भारी उत्साह व्याप्त है।
वर्तमान में चातुर्मास की तैयारियां युद्ध स्तर पर संचालित की जा रही हैं, जिसके अंतर्गत स्थानक भवन का रंग-रोगन कर उसे भव्य रूप से सुसज्जित किया जा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में भी इसी केंद्र पर महाश्रमण जिनेंद्र मुनि म.सा. का चातुर्मास अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ था। आस्था के इस केंद्र पर होने वाला यह दिव्य चातुर्मास न केवल क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना को जागृत करेगा, बल्कि धर्म प्रभावना के नए सोपान भी स्थापित करेगा।

