राजसमंद (प्रातःकाल संवाददाता)। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप द्वारा हल्दीघाटी के मैदान में अर्जित ऐतिहासिक विजय के 450वें विजय दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 17 जून को झीलों की नगरी उदयपुर में एक भव्य एवं अविस्मरणीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रभक्ति के इस वृहद समागम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का विशेष प्रवास रहेगा, जो कार्यक्रम की गरिमा को द्विगुणित करेगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन की पूर्व तैयारियों और रूपरेखा को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से 2 मई को राजसमंद स्थित मधुकर संघ कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई।

बैठक के दौरान प्रताप गौरव केंद्र, उदयपुर के निदेशक अनुराग सक्सेना ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा, व्यवस्थागत प्रबंधन, निमंत्रण प्रक्रिया तथा अन्य अपरिहार्य तैयारियों पर उपस्थित सदस्यों के साथ गहन विमर्श किया। चर्चा को संबोधित करते हुए अनुराग सक्सेना ने गंभीर चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में कुछ तत्वों द्वारा भारतीय इतिहास को तोड़-मरोड़कर, भ्रामक तथ्यों और विकृत स्वरूप में जनमानस के सम्मुख प्रस्तुत करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के दुष्प्रचार से नई पीढ़ी वास्तविक और गौरवशाली इतिहास की जानकारी से वंचित हो रही है।

निदेशक सक्सेना ने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रताप गौरव केंद्र निरंतर प्रमाणिक दस्तावेजों, ऐतिहासिक साक्ष्यों और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर महाराणा प्रताप की वीरगाथा, उनके अद्वितीय त्याग, कूटनीतिक रणनीति और अदम्य राष्ट्रभक्ति को समाज के समक्ष शुद्ध एवं तथ्यात्मक रूप में पहुंचाने का उत्तरदायित्व निभा रहा है। यह आयोजन न केवल 450वें विजय दिवस का उत्सव होगा, बल्कि भावी पीढ़ी को शौर्य के वास्तविक इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा। राजसमंद की इस बैठक में आगामी कार्यक्रम को लेकर व्यापक उत्साह देखा गया, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि 17 जून का यह आयोजन ऐतिहासिक और प्रेरणादायी सिद्ध होगा।

Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story