एलपीजी उत्पादन में 10% की बढ़ोतरी, केंद्र ने रिफाइनरियों को दिए निर्देश
घरेलू रसोई गैस की कमी दूर करने के लिए रिफाइनरियों ने उत्पादन बढ़ाया और औद्योगिक आपूर्ति में कटौती की गई है।

नई दिल्ली। घरेलू उपभोक्ताओं को कुकिंग गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत की तेल रिफाइनरियों ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का उत्पादन करीब 10 प्रतिशत बढ़ा दिया है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि यह कदम केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद उठाया गया है। इस फैसले के बाद कुछ संगठनों द्वारा जताई जा रही एलपीजी आपूर्ति में कमी की आशंकाओं को काफी हद तक दूर करने में मदद मिली है।
गैस सिलिंडर की बुकिंग का प्रतीक्षा समय बढ़ा
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद उत्पादन बढ़ाने के इस कदम से संभावित आपूर्ति बाधित होने को लेकर उठ रही चिंताओं को कम करने में मदद मिली है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग और अनियमितताओं को रोकने के लिए नए गैस सिलिंडर की बुकिंग के बीच प्रतीक्षा अवधि भी 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है।
एलपीजी की आपूर्ति को लेकर पीएम ने की उच्च स्तरीय बैठक
एलपीजी की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में रसोई गैस की संभावित कमी से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।
गुजरात में गैस आपूर्ति पर प्रतिबंध
गुजरात सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर औद्योगिक गैस के उपयोग में 50 फीसदी की कटौती की है। राज्य के ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने घरेलू एलपीजी वितरण में कोई बाधा न आने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही हैं ताकि घरों में खाना पकाने वाली गैस की कमी न हो। सरकार ने घरेलू खपत को प्राथमिकता देने के लिए कुछ औद्योगिक उपयोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं। उद्योगों को गैस आपूर्ति में 50 फीसदी की कटौती की गई है, जबकि उर्वरक और दूध प्रसंस्करण के लिए गैस आपूर्ति में करीब 40 फीसदी की कटौती है। मंत्री ने राजकोट से वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों पर प्रतिबंध की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि "वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों पर कोई कटौती या प्रतिबंध नहीं है।"
आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू
एक सरकारी सूत्र ने बताया कि स्थिति की निगरानी और एलपीजी के सही वितरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू नहीं किया गया है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि "ऊर्जा उपलब्धता के मामले में भारत की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर है।" अधिकारियों के अनुसार, सरकार देश की ऊर्जा जरूरतों को बिना किसी व्यवधान के पूरा करने के लिए कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है। सूत्रों ने बताया कि पहले कुछ चिंताएं जरूर थीं, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है और आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रूप से काम कर रही है। देशभर की सभी रिफाइनरियां उत्पादन बनाए रखने के लिए पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सूत्रों ने यह भी कहा कि "सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और यदि कोई चुनौती सामने आती है तो उससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने कहा कि कुछ समय के लिए बाजार में चिंता की स्थिति बनी थी, लेकिन अब आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की गई है, क्योंकि ऐसी अफवाहें अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ उद्योग संगठनों द्वारा व्यावसायिक एलपीजी की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन सरकार ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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