उदयपुर। न्याय के मंदिर में जब तकनीक और परंपरा का टकराव होता है, तो संघर्ष की गूंज दूर तक सुनाई देती है। उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड में आज कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला, जहां राजस्व न्यायालयों की नई ऑनलाइन न्यायिक प्रक्रिया ने अधिवक्ताओं के सब्र का बांध तोड़ दिया। राज्य सरकार के डिजिटल सुधारों को व्यावहारिक चुनौतियों के आड़े आता देख बार एसोसिएशन के बैनर तले वकीलों ने लामबंद होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारी नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच अधिवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक अदालतों के ताले नहीं खुलेंगे और न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार जारी रहेगा।

गुरुवार को वल्लभनगर परिसर नारों से गुंजायमान रहा, जहां अधिवक्ताओं ने संगठित होकर उपखण्ड कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व न्यायालयों की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है। वर्तमान ढांचा और तकनीकी संसाधन इस बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं, जिसके कारण पोर्टल में बार-बार आने वाली तकनीकी खामियां न केवल वकीलों के काम में बाधा डाल रही हैं, बल्कि दूर-दराज से आए पक्षकारों को भी न्याय के लिए भटकने पर मजबूर कर रही हैं। वकीलों ने चेतावनी दी है कि बिना सुव्यवस्थित आधारभूत ढांचे के थोपी गई यह व्यवस्था न्यायिक प्रणाली को पंगु बना रही है।

विरोध की इस आग को और प्रज्वलित करते हुए बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सुरेंद्र कुमार छिपा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते कदम सराहनीय हो सकते हैं, लेकिन अव्यवहारिक व्यवस्था के कारण न्यायिक समय की बर्बादी और जनता की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने हुंकार भरी कि यह केवल एक दिन का सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि एक निर्णायक जंग है। जब तक सरकार इस ऑनलाइन प्रक्रिया की खामियों को दूर नहीं करती या पुरानी सुलभ व्यवस्था को बहाल नहीं करती, तब तक वल्लभनगर का कोई भी अधिवक्ता किसी भी न्यायिक कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनेगा।

इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन में बार एसोसिएशन के नेतृत्व की पूरी ताकत नजर आई। बार अध्यक्ष बाबूलाल डांगी के नेतृत्व में पूर्व बार अध्यक्ष रमेशचंद्र सांगावत, मुकेश गोपावत, गजेंद्र कुमार ओस्तवाल, मुकेश कुमार मेनारिया और कन्हैयालाल डांगी जैसे वरिष्ठ सदस्यों ने अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही उपाध्यक्ष सुरेशचंद्र मेनारिया, महासचिव भूपेंद्र मेनारिया, वित्त सचिव कैलाश मेघवाल, सचिव चंद्रप्रकाश मेघवाल, पुस्तकालय सचिव ललिता गोपावत सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने इस आंदोलन को धार दी। प्रदर्शन में इकबाल मोहम्मद, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, मकबूल अहमद सिंधी, राजकुमार गाडरी, योगेंद्र माली, भेरूलाल रावत, आदर्श मेनारिया, शांतिलाल डांगी, माया नागदा, कृष्णा मेनारिया, कविता मेनारिया, नादिया, लहरीलाल डांगी, नीरज डांगी, पवन मेनारिया, नारायण डांगी, दिनेश डांगी, अभिमन्यु जाट, अनूप पुजारी, हेमंत मेनारिया, केतन मेनारिया और जीतेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। वकीलों की यह एकजुटता बताती है कि आने वाले दिनों में यदि समाधान नहीं निकला, तो वल्लभनगर में न्यायिक संकट और गहरा सकता है।

Hemant Ameta, Udaipur

Hemant Ameta, Udaipur

हेमंत अमेटा उदयपुर से प्रात:काल के लिए समाचार कवर करने वाले अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खबरों को सटीक और निष्पक्ष दृष्टिकोण से पाठकों तक पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। हेमंत अपने तेज़ रिफ्लेक्स और खबरों की गहन जांच के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को हर अपडेट समय पर और भरोसेमंद जानकारी के साथ मिलती है।

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