कुंभलगढ़। ऐतिहासिक कुंभलगढ़ दुर्ग में सुरक्षाकर्मी के साथ हुई अभद्रता और तीखी बहस के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से असंतुष्ट हिंदू संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार को उपखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और तहसीलदार पर्वत सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के विरुद्ध कठोर धाराओं में मामला दर्ज करने की पुरजोर मांग की। समिति का स्पष्ट मत है कि आरोपी के खिलाफ केवल शांति भंग की मामूली कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऑन-ड्यूटी सुरक्षाकर्मी को अपमानित करने और सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने के लिए 'राजकार्य में बाधा' डालने का प्रकरण भी दर्ज किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल को दुर्ग के मुख्य प्रवेश द्वार रामपोल पर एक निजी वाहन को अनाधिकृत रूप से प्रवेश दिलाने को लेकर स्थानीय समुदाय विशेष के युवक और वहां तैनात सुरक्षाकर्मी के बीच तीखी झड़प हुई थी। इस दौरान आरोपी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। थानाधिकारी मनमंथ सिंह के अनुसार, किला निवासी आरोपी यासीन खान ने अपने परिचित की कार को दुर्ग के भीतर ले जाने के प्रयास में सुरक्षाकर्मी के साथ दुर्व्यवहार किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया, जहाँ उसे पाबंद किया गया।

हालांकि, हिंदू संघर्ष समिति ने इस पुलिसिया कार्रवाई को नाकाफी बताया है। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित जनसमूह ने नारेबाजी करते हुए अपना रोष व्यक्त किया और पीड़ित सुरक्षाकर्मी ने स्वयं तहसीलदार के समक्ष उपस्थित होकर पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि आरोपी के विरुद्ध उचित एवं गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो समिति आगामी दिनों में अपने आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए विवश होगी। यह घटना न केवल दुर्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि कानून व्यवस्था की मर्यादा को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

Pratahkal HQ

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