कोटा में शरद पूर्णिमा पर जैन समाज की अनूठी सेवा, 3100 भोजन पैकेट और फल बांटे
आचार्य विद्यासागर जी महाराज सहित 4 संतों के अवतरण दिवस पर कोटा के अस्पतालों और कच्ची बस्तियों में जरूरतमंदों को भोजन और फल वितरित किए गए।

कोटा के जेके लोन अस्पताल परिसर में जैन समाज के प्रतिनिधि जरूरतमंद लोगों को भोजन परोसते दिख रहे हैं।
कोटा में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर चार महान संतों के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में जैन समाज ने मानव सेवा की मिसाल पेश की। रविवार को आयोजित सेवा कार्यक्रम के तहत जरूरतमंदों, मरीजों के परिजनों और असहाय लोगों को 3100 भोजन पैकेट एवं फलों का वितरण किया गया। यह आयोजन परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज, आचार्य श्री समय सागर जी महाराज, आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज और गणिनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी के पावन अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में किया गया।
राजस्थान की तप, त्याग और साधना की पावन धरा पर चर्मण्यवती नदी के तट पर स्थित औद्योगिक एवं शिक्षा की काशी और धर्मप्राण नगरी कोटा में आयोजित इस कार्यक्रम की जानकारी विगत 35 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे राष्ट्र गौरव एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन पार्श्वमणि ने दी। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक जिनेन्द्र पापड़ीवाल, महेश गंगवाल, चेतन प्रकाश जैन और मनोज टोंग्या ने अपनी पूरी टीम के साथ सेवा कार्य को संपन्न कराया।
कार्यक्रम का मंगल शुभारंभ रविवार को शाम 4 बजे जे.के. लोन अस्पताल, नयापुरा से हुआ। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज कोटा के अध्यक्ष प्रकाश जी बज, महामंत्री पदम जी बड़ला और नव निर्वाचित पार्षद क्रांति जी जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके बाद सेवा दल ने महाराव भीमसिंह अस्पताल (MBS), मेडिकल कॉलेज और शहर की विभिन्न कच्ची बस्तियों में पहुंचकर जरूरतमंदों, मरीजों के परिजनों तथा असहाय लोगों को भोजन पैकेट और फल वितरित किए। कार्यक्रम के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने के साथ मानव सेवा का संदेश दिया गया।
मुख्य संयोजकों ने बताया कि शरद पूर्णिमा के पावन दिन पर यह सेवा कार्य पिछले 6 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जैन धर्म के 'जीवो और जीने दो' के सिद्धांत और परम संतों के आशीर्वाद से प्रेरित मानव सेवा का संकल्प है।
चार महान संतों के अवतरण दिवस और शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में 3100 भोजन पैकेट एवं फलों का वितरण जैन समाज की निरंतर सेवा गतिविधियों का हिस्सा रहा। कार्यक्रम की प्रस्तुति पारस जैन "पार्श्वमणि", पत्रकार, कोटा (राज), 9414764980 की ओर से दी गई।

Dharnendra Jain( Kherwara)
नाम: धरणेन्द्र जैन
वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)
कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें
अनुभव: 30 वर्ष से अधिक
परिचय
धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:
- वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
- उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
- वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
