कोटा: राजभाषा हिंदी पखवाड़े पर संगोष्ठी व निबंध प्रतियोगिता आयोजित
केंद्रीय संचार ब्यूरो कोटा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को तकनीक के दौर में हिंदी के बढ़ते महत्व की जानकारी दी गई और विजेताओं को सम्मानित किया गया।

तस्वीर में केंद्रीय संचार ब्यूरो कोटा के कार्यक्रम के दौरान छात्रा को पुरस्कार दिया जा रहा है।
कोटा में राजभाषा हिंदी पखवाड़े के दौरान गुरुवार को हिंदी भाषा के महत्व और तकनीकी युग में उसके बढ़ते उपयोग पर संगोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय, कोटा की ओर से सेंट्रल एकेडमी (अंग्रेजी माध्यम) सिनियर सेकेंड्री स्कूल, दादाबाड़ी, कोटा में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान ‘आज के तकनीकी युग में हिंदी का महत्व’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी कराई गई।
केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय, कोटा के सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक पहचान, भावनात्मक एकता और अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का युग है। इंटरनेट, मोबाइल, कंप्यूटर और सोशल मीडिया ने हमारे जीवन में व्यापक बदलाव किया है। तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बावजूद हिंदी का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि आधुनिक तकनीक ने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।
सहायक निदेशक मीणा ने कहा कि हिंदी भारत की प्रमुख भाषाओं में से एक है और करोड़ों लोग इसे बोलते एवं समझते हैं। आज हिंदी का प्रयोग केवल बातचीत और साहित्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरनेट, ब्लॉग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल समाचार और मनोरंजन के क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ रहा है।
इस अवसर पर सेंट्रल एकेडमी के निदेशक प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदी आज देश की सीमाओं से बाहर भी अपनी पहुंच बना रही है। हिंदी में तैयार वीडियो, लेख, गीत और अन्य डिजिटल सामग्री बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं भाषा तकनीक के विकास से हिंदी में अनुवाद, आवाज पहचान और डिजिटल लेखन जैसी सुविधाएं भी लगातार बेहतर हो रही हैं।
सेंट्रल एकेडमी के प्राचार्य रजनीश सक्सेना ने भी हिंदी के महत्व और तकनीकी युग में इसके बढ़ते उपयोग पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान सभी को हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प दिलाया गया। ‘आज के तकनीकी युग में हिंदी का महत्व’ विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में अक्षिता गौतम ने प्रथम, नव्या सोनी ने द्वितीय तथा प्रकल्प दाधीच ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गौरांगना हाड़ा एवं पावनी रावल को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन तकनीकी सहायक प्रेम सिंह यादव ने किया।

Dharnendra Jain( Kherwara)
नाम: धरणेन्द्र जैन
वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)
कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें
अनुभव: 30 वर्ष से अधिक
परिचय
धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:
- वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
- उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
- वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
