खेरोदा में चातुर्मास के दौरान जैन स्थानक भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मेवाड़ प्रवर्तक पूज्य कोमल मुनि महाराज ने कहा कि व्यर्थ की चिंता में उलझने के बजाय मनुष्य को आत्मचिंतन और श्रेष्ठ विचारों का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही दिशा में किया गया चिंतन व्यक्ति के जीवन को बदल सकता है और उसे नर से नारायण बनने की ओर अग्रसर कर सकता है।

21 अक्टूबर 2026 को खेरोदा कस्बे में आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री ने सांसारिक प्रपंचों और कर्मबंधनों से मुक्त होकर वास्तविक आत्मचेतना की ओर लौटने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आत्मा में अनंत पुण्यों को धारण करने की असीम सामर्थ्य है, लेकिन अज्ञान के कारण जीव ऐसे कर्मों में लिप्त रहता है, जो पापों को बढ़ाते हैं और उसे अपनी आत्मा से दूर करते हैं। ऐसी स्थिति में व्यर्थ की उलझनों से निकलकर आत्मचिंतन और उच्च चिंतन का मार्ग अपनाना ही श्रेयस्कर है।

चिंतन की महिमा बताते हुए कोमल मुनि महाराज ने कहा कि मनुष्य यदि सही दिशा में विचार करे, तो वह जीवन में महानता के शिखर तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि आज लोग सार्थक चिंतन के बजाय व्यर्थ की चिंता में डूबे रहते हैं, जबकि सकारात्मक और श्रेष्ठ चिंतन एक अधम व्यक्ति को भी उत्तम बना सकता है। सही चिंतन से आनंद और आंतरिक पवित्रता के द्वार खुलते हैं, चेतना जाग्रत होती है तथा जीवन के बड़े से बड़े अवरोध और दुर्भाग्य भी निष्प्रभावी हो जाते हैं।

मुनिश्री ने कर्मों के विवेचन पर बल देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने प्रत्येक कर्म का आत्मविश्लेषण करना चाहिए, चाहे वह शुभ हो या अशुभ। अपने कर्मों की निरंतर समीक्षा करना मानसिक स्थिरता, समाधि और आत्मसाधना का सच्चा आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नश्वर संसार में राग-द्वेष पर विजय प्राप्त करने वाले अरिहंत और सिद्ध भगवंत ही मनुष्य के सच्चे रक्षक और पथप्रदर्शक हैं।

जीवन में विवेक और संतुलन का महत्व समझाने के लिए मुनिश्री ने एक चतुर मंत्री का दृष्टांत भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक कुशल और कर्तव्यनिष्ठ मंत्री मनमानी नहीं करता, बल्कि न्याय और निष्पक्षता के साथ निर्णय लेता है, उसी प्रकार जागरूक साधक को भी जीवन के प्रत्येक मोड़ पर धर्म, संयम और विवेक को सर्वोपरि रखकर आचरण करना चाहिए।

धर्मसभा के दौरान वर्द्धमान जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष सुनील कूकड़ा, मंत्री मुकेश डांगी और संयोजक अरविंद बड़ाला ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया।

Budhi prakash parashar (Udaipur)

Budhi prakash parashar (Udaipur)

नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार

परिचय 

बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:

  • वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
  • उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।

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