अध्यात्म के पथ पर ज्ञानी-अज्ञानी का अंतर समझाया, आत्म-कल्याण के लिए स्वयं से जुड़ने का संदेश
खेरोदा के जैन स्थानक भवन में कोमल मुनि ने ज्ञानी-अज्ञानी के अंतर, संसार की नश्वरता और आत्म-कल्याण का मार्ग बताया। हर्षित मुनि ने 25 क्रियाओं और श्रावक-श्राविकाओं के 21 गुणों पर प्रस्तुति दी।

तस्वीर में जैन स्थानक भवन, खेरोदा के मंच पर सफेद वस्त्रों में आसीन कोमल मुनि और हर्षित मुनि जी नजर आ रहे हैं।
खेरोदा के जैन स्थानक भवन में चल रहे चातुर्मास के दौरान उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि ने अध्यात्म के पथ पर ज्ञानी और अज्ञानी के अंतर को स्पष्ट करते हुए आत्म-कल्याण का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धानवान और दिव्यज्ञान से परिपूर्ण व्यक्ति ही प्रभु का सच्चा ध्यान अर्जित कर सकता है, जबकि अज्ञानी मनुष्य अज्ञान में लीन रहता है और ध्यान अर्जित नहीं कर सकता।
कोमल मुनि ने कहा कि ज्ञानी पुरुष सर्वदा यही प्रार्थना करते हैं, “हे प्रभु! तुम मुझे अपनी शरण और पनाह में ले लो।” उनके मन में यही लौ और लगन बनी रहती है कि प्रभु उन्हें अपने दिल में बसा लें।
पूज्य मुनि श्री ने संसार को नश्वर बताते हुए कहा कि धन-दौलत यानी लक्ष्मी आए या जाए, इसकी एक पल की भी चिंता नहीं करनी चाहिए। वीतराग परमात्मा और पंच परमेष्ठी के मार्ग पर चलने वाले अनुयायियों को सांसारिक लक्ष्मी के मोह से दूर रहना चाहिए और कभी भी पर-द्रव्य से स्नेह नहीं जोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य स्वयं को स्वयं से नहीं मिलाता, तब तक आत्मा का कल्याण संभव नहीं है। जो व्यक्ति स्वयं पर ध्यान देना शुरू कर देता है, लक्ष्मी उसके पीछे-पीछे स्वयं चली आती है। सम्यग्दृष्टि जीव का जीवन अत्यंत अद्भुत होता है।
इसी प्रसंग में अध्ययनशील सेवा रत्न हर्षित मुनि जी ने 25 क्रियाओं का परिचय देते हुए श्रावक-श्राविकाओं के 21 गुणों के विषय में विस्तार से अपनी प्रस्तुति दी।
यह जानकारी वर्द्धमान जैन श्रावक संघ अध्यक्ष सुनील कूकड़ा ने दी। कार्यक्रम से संबंधित फोटो बुद्धि प्रकाश पाराशर खेरोदा द्वारा उपलब्ध कराई गई।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
