डूंगरपुर (प्रात:काल संवाददाता)।

निरंजनी अखाड़े के प्रमुख आध्यात्मिक एवं राष्ट्रीय संत श्री श्री 1008 दिगंबर खुशाल भारती महाराज, संस्थापक राष्ट्रीय महाकाल सेना, का डूंगरपुर आगमन भक्तिभाव और उत्साह के साथ हुआ। गुजरात प्रवास के दौरान महाराज का काफिला जब डूंगरपुर पहुंचा, तो नगर में भक्तों और समाजसेवियों ने भव्य स्वागत किया।

राष्ट्रीय महाकाल सेना के अध्यक्ष भानुप्रताप के सूचना देने पर नगर के अनेक श्रद्धालु महाराज के दर्शन के लिए एकत्रित हुए। पुराना बस स्टैंड स्थित नानाभाई पार्क के बाहर महाराज का काफिला कुछ क्षण के लिए रुका, जहां वातावरण “जय महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

इस अवसर पर नगर सभापति अमृत कलासुआ, उप सभापति सुदर्शन जैन, समाजसेवी गौरव यादव, प्रवीण श्रीमाल, शीला श्रीमाल, नरेंद्र आर्य, गजेन्द्र साद और किरीट भावसार सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने महाराज का पुष्पमालाओं से अभिनंदन किया और उन्हें केसर दूध का प्रसाद अर्पित किया।

महाराज खुशाल भारती ने भक्तों के स्नेह और आशीर्वाद अनुरोध पर अपने वाहन से उतरकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि समाज में आध्यात्मिकता और राष्ट्रसेवा का समन्वय ही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है। उनके ये शब्द सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

संक्षिप्त प्रवास के बाद महाराज का काफिला गुजरात के लिए प्रस्थान कर गया, लेकिन डूंगरपुरवासियों के लिए उनका यह अल्प प्रवास भक्ति और आस्था का अविस्मरणीय क्षण बन गया।

Pratahkal Bureau

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