खेरवाड़ा क्षेत्र में पशुपालकों को बेहतर और स्थानीय स्तर पर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पशुपालन विभाग ने पहल शुरू की है। उपनिदेशक, पशुपालन विभाग खेरवाड़ा डॉ. नरेंद्र कुमार लखारा ने संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग उदयपुर को पत्र भेजकर बजट वर्ष 2026-27 में क्षेत्र की पशु चिकित्सा संस्थाओं के क्रमोन्नयन और नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोलने की मांग की है।

विभागीय पत्र के अनुसार खेरवाड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशुधन है। क्षेत्र में गौवंश 61,048, भैंसवंश 50,208, भेड़ 5,075, बकरी 2,26,615, घोड़े 103, गधे 526, ऊंट 60, कुत्ते 7,000, खरगोश 115 तथा मुर्गियां 25,668 हैं। गंभीर एवं जटिल रोगों के उपचार, विशेषज्ञ परामर्श, प्रयोगशाला जांच, एक्स-रे, सोनोग्राफी सहित अन्य आवश्यक पशु चिकित्सा सुविधाओं के लिए पशुपालकों को उदयपुर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इससे उनके समय और धन की अतिरिक्त हानि होती है।

डॉ. नरेंद्र कुमार लखारा ने राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय खेरवाड़ा को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की मांग की है। इसके साथ ही पशु चिकित्सालय भाणदा, उपकेंद्र बावलवाड़ा और उपकेंद्र खानमीन को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव भेजा गया है।

इसके अलावा उपकेंद्र करनाउवा, बायड़ी, कारछा कला, झूथरी एवं लराठी को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की मांग की गई है। संस्था विहीन ग्राम पंचायतों में नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्र स्वीकृत करने के लिए उपकेंद्र सुंदरा, पोगरा कला, कातरवास, घोघरवाड़ा, सामरून, खेरवाड़ा खालसा एवं लक्ष्मीपुरा के प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं।

डॉ. नरेंद्र कुमार लखारा ने इन प्रस्तावों को राज्य सरकार से स्वीकृति दिलाने के लिए जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत एवं खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक नानालाल अहारी को भी पत्र प्रेषित किया है। उन्होंने राज्य सरकार से इन प्रस्तावों की अनुशंसा करने का आग्रह किया है।

विभाग का मानना है कि इन संस्थाओं के क्रमोन्नयन और नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र खुलने से क्षेत्र के पशुपालकों को गांव के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे पशुधन के उपचार के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी और पशुपालकों के समय एवं धन की बचत के साथ पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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