खेरवाड़ा में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण सहित विभिन्न लंबित शिक्षक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की ब्लॉक खेरवाड़ा इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन उपखंड अधिकारी खेरवाड़ा के प्रतिनिधि को सौंपा गया।

प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान एवं प्रदेश महामंत्री गोपाल मीणा के निर्देशानुसार सौंपे गए इस ज्ञापन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अरविंद डामोर, ब्लॉक संयोजक निकेश मीणा एवं ब्लॉक सहसंयोजक सूर्यप्रकाश मीणा ने किया। संघ पदाधिकारियों ने शिक्षक समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग रखी।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्ष 2018 के बाद से तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। संघ ने तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि अन्य कैडर के स्थानांतरण नियमित रूप से किए जा रहे हैं, जबकि तृतीय श्रेणी अध्यापक लंबे समय से इस सुविधा से वंचित हैं।

संघ ने शिक्षा विभाग में पिछले छह शिक्षा सत्रों से वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति नहीं होने पर भी चिंता जताई और शीघ्र विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) आयोजित करने की मांग की। साथ ही जून 2026 में वित्त विभाग द्वारा जारी वेतन संरक्षण संबंधी परिपत्र को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षक के उच्च पद पर पदोन्नत होने पर राजस्थान सेवा नियम (आरएसआर) के नियम 24 एवं 26 के तहत वेतन संरक्षण का लाभ पूर्ण रूप से देय है। संघ ने कहा कि इसके विपरीत की जाने वाली कोई भी रिकवरी विधि एवं न्याय सिद्धांतों के विरुद्ध है।

ज्ञापन में प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत तृतीय श्रेणी अध्यापकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त करने, सेवा अनुभव का उचित मूल्यांकन करने तथा अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा जर्जर घोषित कर ध्वस्त किए गए विद्यालय भवनों का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने और वर्ष 2015 की स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था लागू करते हुए विद्यार्थियों के अनुपात में सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

संघ ने राज्य सरकार से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण, सरेंडर लीव, जीपीएफ एवं राज्य बीमा राशि के भुगतान पर चल रही अघोषित आर्थिक नाकेबंदी समाप्त कर शीघ्र भुगतान व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान भैरूलाल गरासिया, कपिल पाण्डोर, अरुण मीणा, जीवत गरासिया, ईश्वर मेघवाल, कान्तिलाल मीणा, हेमंत गरासिया, अशोक गरासिया, जगदीश सालवी, सतीश मीणा, विजय लिम्बात, जीवत गमेती, नरेंद्र कलाल, गणेश मीणा, गौतमलाल सालवी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने लंबित शिक्षक समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग की।

Pratahkal Bureau

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