सेवानिवृत्त उप प्राचार्य मन्नूलाल खराड़ी ने सामरून विद्यालय को भेंट की ऑटोमेटिक घंटी
खेरवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सामरून में सेवानिवृत्त उप प्राचार्य मन्नूलाल खराड़ी ने लगभग ₹20,000 मूल्य की ऑटोमेटिक स्वचालित घंटी भेंट की, जिससे विद्यालय संचालन में समयबद्धता और सुव्यवस्था आएगी।

खेरवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मन्नूलाल खराड़ी और विद्यालय स्टाफ घंटी भेंट कार्यक्रम के दौरान मौजूद हैं।
खेरवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सामरून में भामाशाह एवं सेवानिवृत्त उप प्राचार्य मन्नूलाल खराड़ी ने विद्यार्थियों और विद्यालय के हित में सराहनीय पहल करते हुए लगभग ₹20,000 मूल्य की ऑटोमेटिक स्वचालित विद्यालय घंटी (ऑटोमेटिक बेल) भेंट की।
मन्नूलाल खराड़ी द्वारा विद्यालय को दी गई इस सुविधा से विद्यालय की दैनिक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन में समयबद्धता और सुव्यवस्था लाने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मुन्नालाल पंचाल ने मन्नूलाल खराड़ी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उनके सहयोग को शिक्षा के प्रति प्रेरणादायी योगदान बताया।
प्रधानाचार्य मुन्नालाल पंचाल ने कहा कि स्वचालित घंटी लगने से विद्यालय की नियमित गतिविधियों का संचालन अधिक व्यवस्थित और समय के अनुसार किया जा सकेगा। उन्होंने इस सहयोग के लिए भामाशाह मन्नूलाल खराड़ी के योगदान की सराहना की।
विद्यालय परिवार की ओर से समस्त स्टाफ ने मन्नूलाल खराड़ी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल एवं प्रेरणादायी योगदान की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार विद्यालय को सहयोग मिलता रहे, ऐसी कामना व्यक्त की। विद्यालय में भेंट की गई ऑटोमेटिक स्वचालित घंटी विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए उपयोगी सुविधा के रूप में कार्य करेगी।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।
उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।
वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
