फिटनेस जांच ठप, खेरवाड़ा के निजी स्कूलों पर परिवहन संकट; नए सत्र से पहले बढ़ी संचालकों और अभिभावकों की चिंता
खेरवाड़ा में स्कूल बस फिटनेस जांच ठप होने से विद्यार्थियों के परिवहन पर संकट, खेरवाड़ा निजी स्कूल बस फिटनेस प्रमाण पत्र नवीनीकरण लंबित, परिवहन विभाग फिटनेस जांच बंद होने से खेरवाड़ा स्कूल परिवहन प्रभावित, Kherwara school bus fitness inspection stalled affecting student transport, Private school bus fitness certificate renewal pending in Kherwara, Transport department vehicle fitness delay impacts Kherwara schools

तस्वीर में सड़क पर खड़ी एक पीली स्कूल बस दिखाई दे रही है, जिस पर 'SCHOOL BUS' और 'STOP' का साइन बोर्ड लगा हुआ है।
परिवहन विभाग में पिछले डेढ़ माह से वाहन फिटनेस जांच की प्रक्रिया प्रभावित होने का सीधा असर अब खेरवाड़ा क्षेत्र के निजी विद्यालयों पर दिखाई देने लगा है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले स्कूल बसों और वैन के फिटनेस प्रमाण पत्र का नवीनीकरण नहीं होने से विद्यालय संचालकों के सामने विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।
निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष तिलकेश जोशी ने बताया कि खेरवाड़ा क्षेत्र में लगभग 40 निजी विद्यालय संचालित हैं, जिनमें विद्यार्थियों के आवागमन के लिए 80 से 100 के लगभग बसें एवं वैन संचालित होती हैं। वर्तमान में कई विद्यालयों के संचालक इस असमंजस में हैं कि ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय खुलने पर जिन स्कूल बसों और वैन का फिटनेस प्रमाण पत्र नवीनीकरण नहीं हो पाया है, उनका संचालन किस प्रकार किया जाएगा।
विद्यालय संचालकों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत निकट है, लेकिन फिटनेस जांच बंद होने से स्कूल वाहनों के अनेक आवेदन लंबित पड़े हैं। बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के विद्यार्थियों का परिवहन नियमों के विरुद्ध है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षित एवं नियमित परिवहन व्यवस्था को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
संचालकों के अनुसार समय पर फिटनेस जांच नहीं होने से उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक दोनों प्रकार के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही फिटनेस जांच की प्रक्रिया सामान्य नहीं हुई तो विद्यालय खुलने के बाद विद्यार्थियों के आवागमन में गंभीर परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
विद्यालय संचालकों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि स्कूल बसों एवं छात्र परिवहन में लगे वाहनों की फिटनेस जांच को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो सकें और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
खेरवाड़ा क्षेत्र के अभिभावकों ने भी इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा, दोनों को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग को तत्काल प्रभाव से फिटनेस जांच व्यवस्था सुचारू करनी चाहिए। समय रहते समाधान नहीं होने पर नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका गहरा सकती है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
