खेरवाड़ा में महिला अधिकारिता विभाग की साथिनों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी शिवन्या गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर निदेशालय महिला अधिकारिता द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथिनों ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत साथिनें वर्षों से महिला सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता, जनजागरूकता एवं विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत कार्यालय में साथिनों के बैठने तथा बैठक आयोजित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद हाल ही में जारी आदेश के माध्यम से बैठकों का मुख्यालय आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित कर दिया गया है। साथिनों का कहना है कि इससे उनकी स्वतंत्र विभागीय पहचान और कार्यप्रणाली प्रभावित होगी।

साथिनों ने मांग की कि 22 जुलाई 2026 के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा ग्राम पंचायत कार्यालय में बैठने और बैठक की व्यवस्था पूर्ववत सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही साथिनों की विभागीय पहचान, गरिमा एवं कार्यक्षेत्र की सुरक्षा के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी करने, मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, लंबे समय से कार्यरत साथिनों के नियमितीकरण अथवा स्थायी सेवा नीति बनाने तथा विभागीय कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक संसाधन और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर की साथिनें लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी। ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान खेरवाड़ा ब्लॉक की अध्यक्ष ललिता सालवी, सचिव छाया, गबन, कनक लता, ममता सहित कई साथिन मौजूद रहीं।

Pratahkal Bureau

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