10 से अधिक पंचायतों को जोड़ने वाली यह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

खेरवाड़ा। ‘रोड़ में गड्ढे हैं या गड्ढों में रोड़’—यह सवाल खेरवाड़ा के पाटिया से कनबई तक जाने वाली उस मुख्य सड़क के लिए चरितार्थ हो रहा है, जो क्षेत्र की 10 से अधिक पंचायतों की जीवनरेखा बनी हुई है। लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रही यह सड़क अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मार्ग पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है, जिससे इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले सैकड़ों राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने हाल ही में इस मार्ग का निरीक्षण किया, जिसमें सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्कूटी सवार महिलाओं, बाइक चालकों के साथ-साथ जीप, बस एवं ट्रक चालकों का गुजरना दूभर हो गया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे इतने भयावह हैं कि वाहन चालकों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहाँ है और गड्ढे कहाँ।

इस दौरान शांतिलाल कलाल, चंदूलाल डामोर, मुकेश मुखी, एडवोकेट मुकेश डामोर, विनोद खराड़ी, प्रवीण खराड़ी, पंकज कलाल, ललित ननोमा एवं रमेश खेरवन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। किसान नेता धूलेश्वर वसोहर एवं पूर्व सरपंच चंदूलाल खराड़ी ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि मानसून के आगमन से पूर्व इस सड़क का निर्माण एवं डामरीकरण अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कनबई, काकराडूंगरा, मालीफला, डबायचा, भोमटावाड़ा, पाटिया, गुड़ा, देमत तथा झांझरी सहित करीब 10 से 12 पंचायतों के ग्रामीणों के लिए खेरवाड़ा एवं उदयपुर जाने का यह मुख्य मार्ग है। इतना ही नहीं, क्षेत्रवासी उपचार और औषधियों के लिए इसी मार्ग से होकर गुजरात के भीलोडा, इडर एवं हिम्मतनगर तक जाते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने छोटे-मोटे पेचवर्क भी करवाए होते, तो आज सड़क इस कदर बदहाल नहीं होती।

ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों से अविलंब सड़क निर्माण की मांग की है। चेतावनी देते हुए कहा गया है कि हाल ही में हुई हल्की बारिश से ही गड्ढों में जलभराव की स्थिति बन गई है। यदि समय रहते इस जर्जर मार्ग की मरम्मत नहीं करवाई गई, तो आगामी बरसात में बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका प्रबल हो जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। इस अवसर पर ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए खस्ताहाल सड़क की बदतर स्थिति को सबके सामने रखा।

Pratahkal Newsroom

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