खेरवाड़ा पंचायत चुनाव में सरपंच से ज्यादा वार्ड पंचों की सीटों पर घमासान, कई वार्डों में बहुकोणीय मुकाबले के आसार
खेरवाड़ा ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पद के साथ वार्ड पंचों की सीटों पर भी दावेदारों के बीच मुकाबला तेज है। एसटी आरक्षण, निवर्तमान सरपंच की दावेदारी, 17 वार्डों के समीकरण और 5 नवंबर के मतदान पर सबकी नजरें टिकी हैं।

खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में पंचायती राज चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यहां सरपंच पद के मुकाबले वार्ड पंचों के चुनाव में अधिक दावेदार सामने आने से मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। कई वार्डों में दो से पांच तक प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की संभावना है, जिससे बहुकोणीय मुकाबले के समीकरण बन रहे हैं।
उपखंड मुख्यालय की खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित है। इस पद पर निवर्तमान सरपंच लक्ष्मी देवी अहारी और दिनेश कुमार मीणा की दावेदारी चर्चा में है। खेरवाड़ा कस्बे में सामान्य वर्ग के मतदाताओं की संख्या अधिक होने के बावजूद पूरी तहसील में एसटी आरक्षण लागू होने के कारण एसटी वर्ग के दावेदार ही चुनावी गतिविधियों में सक्रिय हैं।
फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं में निवर्तमान सरपंच लक्ष्मी देवी अहारी का पलड़ा भारी बताया जा रहा है। हालांकि, चुनावी मैदान में अन्य दावेदारों की सक्रियता बढ़ने के साथ सरपंच पद का मुकाबला भी रोचक होने की संभावना है।
वार्ड पंचों के चुनाव में सरपंच पद से ज्यादा दिलचस्प राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं। कई वार्डों में दो से पांच तक दावेदार चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वहीं, कुछ संभावित उप सरपंच प्रत्याशी भी अपनी जीत का गणित मजबूत करने के लिए अलग-अलग वार्डों में वार्ड पंच प्रत्याशियों के साथ चुनावी समीकरण बैठाने में जुटे हैं।
हालांकि, फिलहाल ये सभी चर्चाएं और चुनावी कयास हैं। 4 तारीख को शाम तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि कौन चुनावी मैदान में मजबूती से डटा है और किसकी दावेदारी कमजोर पड़ती है।
गौरतलब है कि खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में पहले 15 वार्ड थे। पंचायत के पुनर्गठन के बाद वार्डों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई है। अब 5 नवंबर को होने वाले मतदान और देर रात घोषित होने वाले परिणामों पर सभी की निगाहें रहेंगी। परिणाम से स्पष्ट होगा कि सरपंच पद के साथ-साथ वार्ड पंचों के चुनाव में किस प्रत्याशी को जीत मिलती है और खेरवाड़ा पंचायत की चुनावी तस्वीर किस करवट बैठती है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।
उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।
वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
