पाडलिया स्कूल भवन जर्जर घोषित, 130 विद्यार्थियों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा; ग्रामीणों ने मांगा समाधान
पाडलिया स्कूल भवन जर्जर घोषित होने के बाद 130 विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों ने मरम्मत या नए भवन की मांग उठाई है।

तस्वीर में पाडलिया के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के भवन की टूटी हुई छत और दीवारों में आई दरारें दिखाई दे रही हैं।
खेरवाड़ा, ग्राम पंचायत बावलवाड़ा के राजस्व ग्राम पाडलिया स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन शिक्षा विभाग द्वारा जर्जर घोषित किए जाने के बावजूद विद्यार्थियों की पढ़ाई उसी भवन में संचालित हो रही है। जर्जर भवन में बच्चों के अध्ययन को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की शीघ्र मरम्मत अथवा नए भवन निर्माण की मांग को लेकर हाल ही में आयोजित शिविर में विकास अधिकारी, पंचायत समिति खेरवाड़ा को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि विद्यालय में करीब 130 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और सभी बच्चे जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में भवन की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे कभी भी अप्रिय हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय स्टाफ द्वारा कई बार ग्राम पंचायत, शिक्षा विभाग एवं राजस्थान सरकार को पत्रों और प्रार्थना पत्रों के माध्यम से भवन की स्थिति से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंचकर भवन का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान छत से प्लास्टर झड़ना, दीवारों में दरारें तथा भवन का क्षतिग्रस्त होना सामने आया। ग्रामीणों ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग को तत्काल जर्जर भवन की मरम्मत करवानी चाहिए या फिर नए भवन का निर्माण कराया जाना चाहिए।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए और कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों ने बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान की मांग की है। ज्ञापन पर ग्राम पाडलिया के कई ग्रामीणों एवं अभिभावकों के हस्ताक्षर भी किए गए।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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