वर्षों से सड़क दुर्घटनाओं, ट्रैफिक जाम और हाईवे से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे खेरवाड़ा वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर खेरवाड़ा कस्बे में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य आगामी जुलाई माह के प्रारंभ में शुरू होने जा रहा है। करीब 209.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

खेरवाड़ा कस्बे के मध्य से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव और बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं के कारण स्थानीय नागरिक पिछले लगभग 15 वर्षों से एलिवेटेड ब्रिज की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज हुए और जनप्रतिनिधियों ने भी इस दिशा में सक्रिय पहल की।

संयुक्त व्यापार महासंघ संस्थान के अध्यक्ष अमित कलाल एवं संरक्षक पारस जैन ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार तथा मैसर्स गिरिराज इंफ्रा हाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के बीच हुए करार के अनुसार यह परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। उदयपुर जिले में एनएच-48 के उदयपुर-रतनपुर-शामलाजी खंड पर स्थित खेरवाड़ा कस्बे में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण ईपीसी मोड पर किया जाएगा, जिसकी कुल स्वीकृत लागत 209.91 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

करार के अनुसार निर्माण कार्य को लगभग दो वर्षों की निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद हाईवे से गुजरने वाले बाहरी यातायात को स्थानीय यातायात से अलग किया जा सकेगा, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही दुर्घटना संभावित चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का भी सुधार किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा के स्तर में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है।

इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने में सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों ने कई बार दिल्ली जाकर सांसद डॉ. रावत, पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर परियोजना की आवश्यकता से अवगत कराया था। विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा ज्ञापन, आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से भी इस मांग को लगातार उठाया जाता रहा।

खेरवाड़ा नगर के बीचों-बीच राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरने के कारण लंबे समय से नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार बनी रहने वाली दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ते ट्रैफिक दबाव ने इस परियोजना की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया था। अब एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही क्षेत्रवासियों को सुरक्षित, सुगम और तेज यातायात व्यवस्था की उम्मीद जगी है। यह परियोजना न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत करेगी बल्कि खेरवाड़ा के शहरी यातायात ढांचे को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

Pratahkal Bureau

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