खेरवाड़ा। इस्लामिक माह मोहर्रम की सातवीं तारीख पर खेरवाड़ा में मंगलवार को हजरत अब्बास की स्मृति में अलम (छड़ी) का जुलूस पूरे श्रद्धाभाव, अनुशासन और पारंपरिक वातावरण के साथ निकाला गया। धार्मिक आस्था और कर्बला की विरासत को समर्पित इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और पूरे मार्ग में मातमी माहौल के बीच श्रद्धा एवं एकता का संदेश प्रतिध्वनित होता रहा।

नमाज-ए-असर के बाद इमामबाड़े से प्रारंभ हुआ अलम जुलूस निर्धारित मार्ग से होकर पुराना बस स्टैंड, तहसील रोड, शीतला चौक, आजाद चौक, मोचीवाड़ा होते हुए सदर बाजार स्थित पुरानी कोतवाली पहुंचा। जुलूस के दौरान युवाओं ने ढोल-ताशों की मातमी थाप के साथ कौमी नारों का उद्घोष किया तथा हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया। मार्ग के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष धार्मिक गरिमा प्रदान की।

मीडिया प्रभारी आफताब मकरानी के अनुसार मोहर्रम माह के प्रारंभ के साथ ही नगर के विभिन्न मोहल्लों और गलियों में पानी एवं शरबत की सबीलें लगाई गई हैं, जो दसवीं मोहर्रम तक निरंतर संचालित रहेंगी। इसी क्रम में जामा मस्जिद में प्रतिदिन नमाज-ए-ईशा के बाद महफिल-ए-मिलाद का आयोजन भी किया जा रहा है।

महफिल के दौरान मौलाना बरकत अली एवं नायब इमाम मौलाना अशरफ कर्बला के शहीदों की स्मृति में मनकबत और तकरीर प्रस्तुत कर उनके त्याग, धैर्य और बलिदान के संदेश को समाज तक पहुंचा रहे हैं।

अलम जुलूस की अगुवाई सदर मोहम्मद हनीफ, सचिव नईमुद्दीन अब्बासी, नायब सदर मोहम्मद आशिक, कोषाध्यक्ष मोहसिन पठान तथा काबीना सदस्यों ने की। धार्मिक परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता के बीच संपन्न यह आयोजन मोहर्रम के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को एक बार फिर जीवंत करता नजर आया।

Pratahkal Newsroom

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