भारतीय भाषाओं की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक विविधता और साहित्यिक परंपराओं से विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय, खेरवाड़ा में सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का शुभारंभ किया गया। डाइट के निर्देशानुसार 22 जून से प्रारंभ हुए इस विशेष शिविर में विद्यार्थियों को विभिन्न भारतीय भाषाओं के ज्ञान के साथ-साथ देश की बहुरंगी सांस्कृतिक पहचान से भी रूबरू कराया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश रावल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं की आधारशिला भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भाषाई विविधता को समझने और उसे आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विभिन्न भाषाओं के माध्यम से ही भारत की ‘विविधता में एकता’ की भावना को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

सात दिनों तक चलने वाले इस समर कैंप में विद्यार्थियों को हिंदी, संस्कृत, राजस्थानी, गुजराती और वागड़ी भाषाओं के बुनियादी शब्दों, लोकगीतों तथा प्रेरक कहानियों के माध्यम से भाषाई ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। डाइट द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन भाषा आधारित रचनात्मक एवं रोचक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में भाषाओं के प्रति रुचि और समझ विकसित हो सके।

कैंप के शिविर प्रभारी ललित मीणा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। शिविर के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने की दिशा में आयोजित यह समर कैंप विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक साबित होगा, बल्कि उन्हें देश की सांस्कृतिक समृद्धि और भाषाई विरासत को समझने का भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

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Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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