खेरवाड़ा के किले वाली माता मंदिर में शरद पूर्णिमा पर गरबा रास, 101 लीटर खीर का बंटा प्रसाद
महंत भारत भूषण जोशी के सानिध्य में पूजा के बाद बांटी गई 101 लीटर खीर, देर रात तक जयकारों से गुंजायमान रहा मंदिर परिसर।

खेरवाड़ा के किले वाली माता मंदिर परिसर में शरद पूर्णिमा पर आयोजित गरबा रास में शामिल श्रद्धालु।
खेरवाड़ा के किले वाली माता मंदिर में शरद पूर्णिमा पर रविवार रात्रि को देर रात तक गरबा रास का आयोजन हुआ। माता के जयकारों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल रहा।
मंदिर के महंत भारत भूषण जोशी ने बताया कि शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 101 लीटर दूध की खीर तैयार की गई। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद खीर श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित की गई। इस दौरान भक्तों ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा की किरणों का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर माता लक्ष्मी की आराधना, खीर का प्रसाद और रात्रि जागरण की परंपरा निभाई जाती है। किले वाली माता मंदिर में गरबा रास और प्रसाद वितरण के आयोजन से देर रात तक वातावरण भक्तिमय बना रहा।
किला माता मंदिर के भक्त मुकेश भोई एवं हिमांशु नागदा ने बताया कि इस पावन अवसर पर देर रात तक श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे और धर्म लाभ प्राप्त किया। शरद पूर्णिमा पर आयोजित गरबा रास और 101 लीटर दूध की खीर के प्रसाद वितरण में श्रद्धालुओं की भागीदारी से मंदिर में धार्मिक उत्सव का माहौल बना रहा।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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