खेरवाड़ा क्षेत्र की जनता को राजस्व संबंधी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन वर्ष पूर्व शुरू किया गया कनबई उप तहसील कार्यालय उद्घाटन के बाद से ही अधिकांश समय बंद पड़ा हुआ है। कार्यालय पर लगातार ताला लटका रहने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए भी नयागांव जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कार्यालय को नियमित रूप से संचालित करने तथा स्वीकृत पदों पर तत्काल कार्मिकों की नियुक्ति की मांग उठाई है।

ग्रामीणों ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधायक डॉ. दयाराम परमार द्वारा कनबई उप तहसील कार्यालय का उद्घाटन किया गया था। हालांकि उद्घाटन के बाद से आज तक कार्यालय नियमित रूप से संचालित नहीं हो सका। बीच-बीच में कुछ दिनों के लिए अधिकारी-कर्मचारी पदस्थापित रहे, लेकिन वर्तमान में कार्यालय पूरी तरह बंद पड़ा है। स्थिति यह है कि कार्यालय की नियमित सफाई तक नहीं होती और भवन उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस उप तहसील के अंतर्गत कुल 13 ग्राम पंचायतें आती हैं। कार्यालय के संचालन से क्षेत्रवासियों को नामांतरण, सीमाज्ञान, प्रमाण-पत्र, राजस्व अभिलेखों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कार्यालय बंद रहने के कारण लोगों को हर छोटे-बड़े कार्य के लिए नयागांव जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों का अनावश्यक समय और धन दोनों खर्च हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि कनबई उप तहसील के लिए एक नायब तहसीलदार, एक सहायक कार्यालय कानूनगो, एक यूडीसी, एक एलडीसी तथा एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पियून) का पद स्वीकृत है, लेकिन इन पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं होने से कार्यालय निष्क्रिय बना हुआ है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि कनबई उप तहसील कार्यालय को तत्काल नियमित रूप से शुरू किया जाए, सभी स्वीकृत पदों पर कार्मिकों की नियुक्ति की जाए तथा भविष्य में जनहित को देखते हुए कनबई उप तहसील को क्रमोन्नत कर पूर्ण तहसील का दर्जा प्रदान किया जाए। इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्य सरकार तक भी मांग पहुंचाई गई है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सरकार शीघ्र निर्णय लेकर लंबे समय से बंद पड़े उप तहसील कार्यालय को शुरू कर राहत प्रदान करेगी।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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