खेरवाड़ा स्थित प्राचीन सिद्ध बाल हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के अंतर्गत वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य प्रमोद दास शास्त्री का ठाकुर मंदिर के महंत, सिद्ध बाल हनुमान विकास समिति तथा धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस अवसर पर आचार्य प्रमोद दास शास्त्री ने अपने आध्यात्मिक एवं पौराणिक प्रवचन में कहा कि नए मंदिर के निर्माण की अपेक्षा प्राचीन देवालयों के जीर्णोद्धार से अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण से अनेक अश्वमेध यज्ञों के समान पुण्यफल प्राप्त होता है तथा श्रद्धापूर्वक किए गए इस कार्य से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

आचार्य श्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का नाम ही हनुमानजी के लिए यज्ञ की आहुति के समान है तथा श्रीराम कथा का श्रवण और आयोजन हनुमानजी को अत्यंत प्रिय है। उन्होंने सनातन संस्कृति, भक्ति और धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को ज्ञान एवं भक्ति की अमृतधारा से अभिभूत किया।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने आचार्य प्रमोद दास शास्त्री से भविष्य में भी रामकथा एवं धर्मप्रचार के लिए पधारने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि आचार्य श्री के सान्निध्य एवं दर्शन प्राप्त होना स्वयं बाल हनुमानजी की असीम कृपा है। सभी भक्तों ने उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए दण्डवत प्रणाम किया तथा कार्यक्रम का समापन जय श्रीराम और जय हनुमान के उद्घोष के साथ हुआ।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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