खेरवाड़ा ग्रामीण सेवा शिविर: विधवा महिला व बच्चों को मिला पेंशन और पालनहार योजना का संबल
खेरवाड़ा के ढीकवास गांव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में दिखी प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक अद्भुत मिसाल। एक विधवा महिला और उसके तीन बच्चों का कैसे बदला जीवन, क्या हुआ जब अधिकारियों ने मौके पर ही पेंशन और पालनहार योजना का लाभ दिलाया?

खेरवाड़ा के ढीकवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में कैलोड़ी देवी को पीपीओ (PPO) प्रदान करते हुए अधिकारी और जनप्रतिनिधि।
राजस्थान के खेरवाड़ा स्थित ग्राम पंचायत ढीकवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर प्रशासन की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण बनकर उभरा। इस शिविर ने एक जरूरतमंद विधवा महिला और उनके तीन बच्चों के जीवन में नई आशाओं का संचार किया है। शिविर के दौरान अधिकारियों की त्वरित तत्परता से महिला को न केवल सामाजिक सुरक्षा पेंशन का अधिकार मिला, बल्कि उनके तीनों बच्चों को पालनहार योजना से जोड़कर उनके भविष्य को भी सुरक्षित कर दिया गया।
घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब ग्राम पंचायत ढीकवास की निवासी कैलोड़ी देवी की स्थिति की जानकारी शिविर में तैनात अधिकारियों को मिली। विधवा कैलोड़ी देवी आर्थिक तंगी और प्रशासनिक जानकारी के अभाव में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ लेने में असमर्थ थीं, जबकि उनके तीन बच्चे भी पालनहार योजना के लाभ से वंचित थे। शिविर प्रभारी टीडीआर रेवतराम के निर्देशन में समाज कल्याण विभाग के कनिष्ठ लेखाकार विशाल जोशी ने तुरंत संज्ञान लिया और मिशन मोड पर कार्यवाही शुरू की। उन्होंने सबसे पहले महिला के जन आधार कार्ड में विधवा स्टेटस को अपडेट करवाया, जिसके उपरांत राजएसएसपी (RajSSP) ऐप के माध्यम से पेंशन आवेदन को ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत पूरा किया गया। शिविर में ही प्रथम और द्वितीय स्तर का सत्यापन पूर्ण कर पेंशन स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया गया।
पेंशन की स्वीकृति के बाद, महिला के तीनों बच्चों के लिए पालनहार योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को ई-मित्र संचालक बीरबल के माध्यम से संपादित किया गया। इस प्रकरण को जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं सामाजिक सुरक्षा अधिकारी के स्तर पर प्राथमिकता देते हुए तत्काल स्वीकृति प्रदान की गई और भुगतान के आदेश जारी कर दिए गए। इस सफल पहल के समय एडीओ रमिला, जनप्रतिनिधि जयदीप, मण्डल अध्यक्ष बाल सिंह, प्रकाश चंद्र, प्रशासक प्रमिला तथा विकास अधिकारी विशाल पंचाल सहित विभागीय अधिकारी और स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। पात्र लाभार्थी को पीपीओ प्रदान कर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया। यह शिविर न केवल सरकारी योजनाओं की पहुंच को सुगम बनाता है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता के माध्यम से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त उदाहरण साबित हुआ है।

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