खेरवाड़ा: ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन की पहल, भील परिवार के वर्षों पुराने भूमि विवाद का निपटारा
खेरवाड़ा के भोमटा वाड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन की तत्परता से एक भील परिवार के वर्षों पुराने जटिल भूमि विवाद का चंद घंटों में समाधान हुआ। जानिए कैसे 30 खसरों का बंटवारा कर प्रशासन ने परिवार को दी राहत।

खेरवाड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान अधिकारी एक ग्रामीण को दस्तावेज सौंपते हुए।
खेरवाड़ा के भोमटा वाड़ा ग्राम पंचायत में राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के दौरान प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए वर्षों से चले आ रहे संयुक्त खातेदारी विवाद का मौके पर ही समाधान कर दिया। एसडीएम शिवन्या गुप्ता के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में प्रशासन की सक्रियता से एक भील परिवार को बड़ी राहत मिली है। इस विवाद के कारण परिवार को लंबे समय से प्रशासनिक और आपसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
मामले की जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार के एक ही खाते में 30 खसरे दर्ज थे और लगभग 3.48 हेक्टेयर भूमि संयुक्त रूप से दर्ज थी। इस स्थिति के चलते परिवार को खेती, नामांतरण, ऋण लेने और फसल बीमा जैसे जरूरी राजस्व कार्यों में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। संयुक्त रिकॉर्ड के कारण परिवार के सदस्यों को राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे।
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान पटवारी हल्का ने मौके पर ही जमाबंदी और नक्शे का विस्तृत परीक्षण किया और सभी पक्षों के साथ चर्चा की। इसके बाद आपसी सहमति के आधार पर एक ऐतिहासिक बंटवारा सहमति पत्र तैयार किया गया, जिसमें सभी खातेदारों के हिस्से स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिए गए। तहसीलदार ने मौके पर ही अलग-अलग खाते दर्ज करने की स्वीकृति प्रदान की और नियमानुसार सात दिवस के भीतर अमलदराज की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जारी किए।
इस पहल ने ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के मूल उद्देश्य को सार्थक करते हुए साबित कर दिया कि प्रशासनिक संवेदनशीलता से जटिल राजस्व विवादों का निस्तारण भी एक ही दिन में संभव है। परिवार ने राहत की सांस लेते हुए प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर तहसीलदार हिम्मत राम पटेल, विकास अधिकारी चंदूलाल मीणा, सरपंच पीना मीना, पटवारी भूरा लाल मीणा, अशोक कुमार कलाल और अजय मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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