ग्रामीण सेवा शिविर का कमाल: बुजुर्ग महिला को फिर मिली सामाजिक सुरक्षा पेंशन
खेरवाड़ा के ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता ने दिखाई एक नई राह। पात्रता मापदंडों में अटकी एक बुजुर्ग महिला की बंद पेंशन फिर से हुई शुरू। क्या सरकारी शिविर आमजन के लिए बन रहे हैं उम्मीद की नई किरण? जानिए पूरी खबर।

तस्वीर में मगरा ग्राम पंचायत शिविर में अधिकारी वृद्ध महिला जमकू देवी को पेंशन स्वीकृति पत्र सौंपते हुए, जिससे तकनीकी खराबी के बाद उनकी पेंशन बहाल हुई।
खेरवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मगरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर प्रशासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी तत्परता का केंद्र बन गया। इस शिविर के दौरान एक वृद्ध महिला जमकू देवी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ पुनः दिलवाकर प्रशासन ने न केवल एक जरूरतमंद के जीवन में खुशहाली लौटाई, बल्कि त्वरित समाधान की अनूठी मिसाल भी पेश की। जमकू देवी लंबे समय से पेंशन सुविधा से वंचित थीं, क्योंकि पूर्व में जनआधार कार्ड में आयु संबंधी पात्रता मापदंडों की तकनीकी जटिलताओं के कारण उनकी पेंशन बंद कर दी गई थी।
शिविर के दौरान जैसे ही यह मामला संज्ञान में आया, शिविर प्रभारी एवं बीडीओ मदन लाल लोहार और टीडीआर रेवत राम ने मामले को प्राथमिकता देते हुए समाज कल्याण विभाग के कनिष्ठ लेखाकार विशाल जोशी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। विभागीय टीम ने बिना समय गंवाए पंचायत समिति की पेंशन शाखा से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कीं। इस सफल प्रयास के परिणामस्वरूप वृद्ध महिला की पेंशन पुनः सुचारू कर दी गई। इस अवसर पर पंचायत समिति के पेंशन प्रभारी एएसओ बसुराम, सीबीईओ ज्योति प्रकाश और ग्राम पंचायत मगरा के वीडीओ अभिषेक सालवी भी मौजूद रहे। पेंशन स्वीकृति पत्र प्राप्त होते ही जमकू देवी और उनके परिजनों की आंखों में संतोष के भाव थे, उन्होंने राजस्थान सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के आयोजन से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना आसान हो गया है और जटिल प्रशासनिक समस्याओं का मौके पर ही निराकरण संभव हो पा रहा है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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