भाणदा बालिका विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत छह पद रिक्त, स्टाफ संकट से बालिकाओं की पढ़ाई पर बढ़ा असर
भाणदा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित छह पद रिक्त होने से पढ़ाई प्रभावित है। एसडीएमसी ने नियुक्ति की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

खेरवाड़ा स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, भाणदा में स्टाफ की कमी को लेकर बैठक करते हुए एसडीएमसी सदस्य और ग्रामीण।
खेरवाड़ा तहसील क्षेत्र के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, भाणदा में क्रमोन्नति के बाद से लगातार स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित द्वितीय श्रेणी के छह पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं एलडीसी एवं चतुर्थ श्रेणी (पियोन) के पद भी खाली होने से विद्यालय की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
विद्यालय में वर्तमान में कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रियंका डामोर सीमित संसाधनों और उपलब्ध स्टाफ के साथ विद्यालय का संचालन कर रही हैं। स्टाफ की कमी के कारण उन्हें प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। वहीं एलडीसी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अभाव में शिक्षकों एवं छात्राओं को ही साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
विद्यालय की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्कूल विकास एवं प्रबंधन समिति (एसडीएमसी) तथा पंचायत सरपंच/प्रशासक भरत गरासिया ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, उदयपुर को पत्र भेजकर सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की है। समिति सदस्यों का कहना है कि यदि जल्द ही रिक्त पद नहीं भरे गए तो बालिकाओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
एसडीएमसी सदस्यों ने बताया कि विद्यालय के क्रमोन्नत होने के बाद छात्राओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन उसी अनुपात में स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार एवं शिक्षा विभाग से प्रधानाचार्य, द्वितीय श्रेणी शिक्षक, एलडीसी तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जनप्रतिनिधियों एवं अभिभावकों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। एसडीएमसी की बैठक में सरपंच भरत गरासिया, गजेंद्र कलाल, विजय दर्जी, मणीलाल गरासिया, डायालाल लोहार, देवचंद लोहार, राजकुमार सालवी, प्रियंका देवी सहित कई अभिभावक उपस्थित रहे।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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