खेरवाड़ा: डाडमिया पुल निर्माण में धांधली की जांच तेज, कोर कटिंग मशीन से लिए गए कंक्रीट के सैंपल
खेरवाड़ा के डाडमिया पुल निर्माण में घटिया सामग्री के आरोपों के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। जिला परिषद की टीम ने कोर कटिंग मशीन से सैंपल लिए हैं। क्या सच में पुल के निर्माण में बरती गई है भारी अनियमितता? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

जिला परिषद की तकनीकी टीम सरेरा ग्राम पंचायत में डाडमिया पुल के निर्माण की गुणवत्ता जांचते हुए, जिसमें आशीष धाकड़, प्रियंका चपलोत, धर्मेश लोहार और हेमंत चौबीसा शामिल हैं।
खेरवाड़ा उपखंड के सरेरा ग्राम पंचायत स्थित डाडमिया पुल महज दस महीने के भीतर ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतों के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बीते 11 जून को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने इस विषय में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कलेक्टर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर पुलिया का निरीक्षण किया। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को तकनीकी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए थे।
इसी प्रशासनिक पहल के तहत बुधवार को जिला परिषद उदयपुर की एक विशेष तकनीकी टीम ने सरेरा पहुंचकर पुल का गहन निरीक्षण किया। टीम ने अत्याधुनिक कोर कटिंग मशीन का उपयोग करते हुए पुल के तीन अलग-अलग हिस्सों से कंक्रीट और निर्माण सामग्री के नमूने एकत्रित किए। इन सैंपल्स को अब प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा, जहां से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि निर्माण कार्य में मानकों की कितनी अनदेखी की गई है। कलेक्टर ने इस मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तीन अधिकारियों द्वारा क्रॉस जांच करने और तदनुसार रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
जिला परिषद की इस टीम का नेतृत्व आशीष धाकड़ द्वारा किया गया, जिसमें प्रियंका चपलोत, धर्मेश लोहार और हेमंत चौबीसा सम्मिलित रहे। जांच प्रक्रिया के दौरान ग्राम पंचायत सरेरा के रोजगार सहायक नरेश लबाना, वार्ड पंच मनीष भगोरा, समाजसेवी शंकर परमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। जांच टीम की मौजूदगी में लिए गए ये सैंपल अब इस पुल के भविष्य और निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की पोल खोलने के लिए निर्णायक साबित होंगे। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक संपत्तियों के निर्माण में लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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