खेरवाड़ा कस्बे के बाजार में पिछले कई महीनों से ₹5, ₹10 और ₹20 के छोटे नोटों तथा सिक्कों की भारी कमी के कारण व्यापारी वर्ग और आमजन को रोजमर्रा के लेन-देन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खुले पैसे उपलब्ध नहीं होने से खरीद-बिक्री प्रभावित हो रही है और ग्राहकों व व्यापारियों के बीच अनावश्यक असहज स्थिति बन रही है।

व्यापारियों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्थानीय करेंसी चेस्ट शाखा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), खेरवाड़ा में लंबे समय से छोटे नोटों और सिक्कों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसके चलते बैंक भी व्यापारियों की मांग के अनुरूप छोटे नोट उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, जिससे बाजार में नकदी के छोटे मूल्यवर्ग की कमी लगातार बनी हुई है।

इस समस्या का सबसे अधिक असर किराना व्यवसायियों, मेडिकल स्टोर संचालकों, सब्जी एवं फल विक्रेताओं, चाय-नाश्ता विक्रेताओं, ठेला-लारी संचालकों तथा अन्य छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। खुले पैसे उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार ग्राहकों को शेष राशि लौटाने में कठिनाई होती है, जिससे दोनों पक्षों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

कस्बे के व्यापारियों और नागरिकों ने भारतीय रिजर्व बैंक तथा संबंधित बैंक अधिकारियों से मांग की है कि बैंकों द्वारा भेजी गई मांग (डिमांड) के अनुरूप शीघ्र पर्याप्त मात्रा में ₹5, ₹10 और ₹20 के नोटों तथा सिक्कों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि इससे बाजार में छोटे नोटों की किल्लत दूर होगी और आमजन एवं व्यापारियों को राहत मिलेगी। व्यापारियों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो दैनिक व्यापार और अधिक प्रभावित हो सकता है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।

वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।

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