खेरवाड़ा: भाजपा ने मनाया संविधान हत्या दिवस, आपातकाल को बताया काला अध्याय
खेरवाड़ा के विद्यानिकेतन विद्यालय में आयोजित गोष्ठी में भाजपा नेताओं ने 1975 के आपातकाल को लोकतंत्र पर कलंक बताया और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।

स्वीर में बाईं से दाईं ओर, गुलाबी कुर्ता पहने विक्रांत कोठारी, सफेद कपड़ों में पूर्व विधायक नानालाल अहारी, वरिष्ठ नेता पारस जैन और अन्य पदाधिकारी खेरवाड़ा के विद्यानिकेतन विद्यालय सभागार में आयोजित गोष्ठी के दौरान कुर्सियों पर बैठे हुए दिख रहे हैं। सामने एक कांच की मेज रखी है और पीछे दीवार पर चित्र लगे हैं।
भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के पन्नों में 25 जून 1975 का दिन एक ऐसे स्याह अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे राष्ट्र कभी विस्मृत नहीं कर सकता। तत्कालीन सरकार द्वारा थोपा गया आपातकाल न केवल संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन का प्रतीक बना, बल्कि उसने देश की राष्ट्रीय चेतना को भी गहरे घाव दिए थे। इसी ऐतिहासिक घटना के स्मरण और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के उद्देश्य से खेरवाड़ा के विद्यानिकेतन माध्यमिक विद्यालय सभागार में भाजपा द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसे 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए क्षेत्र के पूर्व विधायक नानालाल अहारी ने कहा कि वर्ष 1975 में राजनीतिक स्वार्थ के लिए लागू किया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के माथे पर एक अमिट कलंक के समान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह दिन हमें उन विषम परिस्थितियों का स्मरण कराता है, जब सत्ता के गलियारों से संविधान की गरिमा को कुचला गया था। साथ ही, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह दिवस देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों का सजग प्रहरी बने रहने के लिए प्रेरित और संकल्पित करता है।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता पारस जैन ने ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंदिरा गांधी सरकार द्वारा आपातकाल का निर्णय संवैधानिक भावना के विरुद्ध एक तानाशाही कदम था। उन्होंने घटनाक्रम का विश्लेषण करते हुए बताया कि आपातकाल के बीज उस समय स्पष्ट दिखने लगे थे जब 19 मार्च 1975 को इंदिरा गांधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष अपने चुनाव से संबंधित मामले में गवाही देने वाली पहली भारतीय प्रधानमंत्री बनी थीं। जैन ने केंद्र सरकार द्वारा 11 जुलाई 2024 को जारी गजट अधिसूचना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब प्रतिवर्ष 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। यह दिवस उन सभी लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और संघर्ष को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने आपातकाल के दमनकारी दौर में भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद रखी थी।
इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में पूर्व प्रधान अमृतलाल डामोर, समाजसेवी विमल कोठारी, अमृतलाल पांचाल, भाजपा मंडल महामंत्री विक्रांत कोठारी एवं भूपेंद्र कलाल, मंडल कोषाध्यक्ष नरेश अग्रवाल और शिक्षाविद नवनीत श्रीमाली सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विक्रांत कोठारी द्वारा किया गया, जबकि भूपेंद्र कलाल ने उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल इतिहास के पन्नों को पलटने का माध्यम बना, बल्कि नई पीढ़ी को संविधान की सर्वोच्चता और लोकतंत्र के महत्व को समझने का संदेश भी देकर गया।

Dharnendra Jain( Kherwara)
नाम: धरणेन्द्र जैन
वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)
कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें
अनुभव: 30 वर्ष से अधिक
परिचय
धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:
- वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
- उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
- वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
