खेरवाड़ा उपकोष कार्यालय में 60% पद खाली, 2600 पेंशनर्स और 100 से अधिक डीडीओ परेशान
खेरवाड़ा उपकोष कार्यालय में स्वीकृत पांच पदों में से तीन रिक्त होने तथा स्टाम्प की अपर्याप्त आपूर्ति से 2600 पेंशनर्स और डीडीओ के वित्तीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरवाड़ा स्थित उपकोष कार्यालय का मुख्य द्वार, जहां कर्मचारियों की भारी कमी और स्टाम्प की आपूर्ति बाधित होने से पेंशनर्स और डीडीओ के वित्तीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
खेरवाड़ा उपकोष कार्यालय में कर्मचारियों की भारी कमी और स्टाम्प की अपर्याप्त आपूर्ति के कारण पेंशन भुगतान, सरकारी बिलों और अन्य वित्तीय कार्यों पर असर पड़ रहा है। स्वीकृत पांच पदों में से तीन पद लंबे समय से रिक्त हैं। मात्र दो कर्मचारियों के भरोसे संचालित इस कार्यालय से करीब 2600 पेंशनर्स और 100 से अधिक आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) से संबंधित कार्य संपादित होते हैं। ऐसे में सीमित स्टाफ के कारण कार्यालयीन कामकाज प्रभावित हो रहा है।
उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय खेरवाड़ा में उपकोषाधिकारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का एक-एक पद भरा हुआ है, जबकि सहायक लेखाधिकारी, कनिष्ठ लेखाकार और वरिष्ठ सहायक के पद रिक्त हैं। इनमें वरिष्ठ सहायक का पद करीब चार वर्ष से खाली बताया गया है। लंबे समय से कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने के कारण कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ गया है।
कार्यालय से क्षेत्र के करीब 2600 पेंशनर्स और 100 से अधिक डीडीओ से जुड़े वित्तीय कार्यों का संचालन होता है। पेंशन संबंधी कामकाज, विभिन्न सरकारी विभागों के बिलों का निस्तारण, आहरण-वितरण सहित अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं के लिए संबंधित लोगों को इसी कार्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में कर्मचारियों की कमी का असर कार्यालय से जुड़े पेंशनर्स, सरकारी कर्मचारियों और विभागीय अधिकारियों के कामकाज पर पड़ रहा है।
स्टाफ की कमी के साथ स्टाम्प की आपूर्ति भी कार्यालय के लिए समस्या बनी हुई है। उपकोष कार्यालय के माध्यम से स्टाम्प संबंधी कार्य किए जाते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में स्टाम्प उपलब्ध नहीं होने से आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्टाम्प की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण संबंधित कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है। पर्याप्त मात्रा में स्टाम्प प्राप्त करने के लिए स्टाम्प वेंडर्स को कोष कार्यालय उदयपुर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कर्मचारियों की कमी के चलते उपकोषाधिकारी को अपने पद से संबंधित जिम्मेदारियों के साथ अन्य लिपिकीय और वित्तीय कार्यों का अतिरिक्त भार भी संभालना पड़ रहा है। इससे कार्यालय के सीमित संसाधनों पर कामकाज का दबाव बना हुआ है। रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
वर्तमान में पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया के चलते सरकारी विभागों में कार्यभार बढ़ा हुआ है। इस स्थिति में उपकोष कार्यालय में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने और स्टाम्प की आपूर्ति बाधित रहने से पेंशनर्स, सरकारी कर्मचारियों, डीडीओ और आमजन को वित्तीय एवं कार्यालयीन कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उपकोषाधिकारी, कार्यालय खेरवाड़ा, मौसम जोशी ने बताया कि स्टाफ की कमी के संबंध में उच्चाधिकारियों को नियमित अंतराल पर लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी जा रही है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
क्षेत्रवासियों ने जनहित को देखते हुए संबंधित उच्चाधिकारियों से रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां करने, आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने और स्टाम्प की नियमित एवं पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन व्यवस्थाओं में सुधार होने से उपकोष कार्यालय से जुड़े पेंशन, सरकारी बिलों और अन्य वित्तीय कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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