खेरवाड़ा में क्षेत्र में श्रेष्ठ वर्षा, कुओं, तालाबों, नदियों एवं खेतों के भराव तथा सुख-समृद्धि की कामना को लेकर धार्मिक परंपरा के अनुसार मेंढक-मेढ़की का विवाह एवं इंद्र यज्ञ का आयोजन किया गया। नगर के मोचीवाड़ा क्षेत्र में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य जगदीश प्रसाद व्यास ने गणपति, भगवान शिव-पार्वती, भगवान विष्णु, देवराज इंद्र एवं भगवान वरुण के आह्वान के साथ किया। इसके बाद चंदन, अक्षत, धूप-दीप से हवन कुंड का पूजन कर अग्नि प्रज्ज्वलित की गई।

श्रेष्ठ वर्षा की कामना से वैदिक मंत्र "ॐ इन्द्राय नमः" एवं "ॐ वरुणाय नमः" के उच्चारण के साथ उपस्थित श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से हवन में आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार मेंढक-मेढ़की के विवाह का टोटका संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर आचार्य ने विश्वास व्यक्त किया कि इस धार्मिक अनुष्ठान से क्षेत्र में अच्छी वर्षा होगी तथा चारों ओर सुख-समृद्धि और खुशहाली का वातावरण बनेगा। हवन एवं टोटके के उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया और श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।

इसके बाद सभी नागरिक ढोल-नगाड़ों के साथ कतारबद्ध होकर "इन्द्र राजा आवो रे, पानी खूब बरसाओ रे" के जयकारे लगाते हुए नदी तट पहुंचे। वहां नदी का पूजन कर देवराज इंद्र से अच्छी वर्षा की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं नृत्य कर धार्मिक उल्लास का प्रदर्शन किया।

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