सात माह से बंद विधवा पेंशन शिविर में हुई चालू, जमना देवी को मिली राहत
खेरवाड़ा के सुंदरा गांव में शिविर के दौरान सात माह से बंद जमना देवी की विधवा पेंशन पुनः शुरू हुई, दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया।

तस्वीर में खेरवाड़ा के ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान अधिकारियों द्वारा लाभार्थी जमना देवी को पीपीओ और दस्तावेज सौंपे जाते हुए।
खेरवाड़ा में ग्रामीण सेवा शिविर-फॉलोअप शिविर के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। ग्राम पंचायत सुंदरा, पंचायत समिति खेरवाड़ा में आयोजित शिविर में जमना देवी की पिछले सात माह से बंद विधवा पेंशन को पुनः चालू करवाया गया।
समाज कल्याण विभाग के विशाल जोशी ने विकास अधिकारी कार्यालय से समन्वय कर जमना देवी की पेंशन संबंधी समस्या का समाधान करवाया। पेंशन चालू होने के बाद लाभार्थी को अब नियमित रूप से पेंशन राशि प्राप्त हो सकेगी, जिससे उनके जीवनयापन में आर्थिक संबल मिलेगा।
शिविर के दौरान जमना देवी की पेंशन संबंधी जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों एवं फॉलोअप शिविरों का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
शिविर में सहायक विकास अधिकारी लक्ष्मण राम मीणा, स्थानीय ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रशासक सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्या दर्ज करवाएं।
पेंशन पुनः शुरू होने पर जमना देवी ने प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान लाभार्थी को पीपीओ प्रदान किया गया।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।
उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।
वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
