खेरवाड़ा में सरकारी स्कूलों को बंद करने पर रोक लगाने, जर्जर भवनों के लिए तत्काल बजट आवंटित कराने सहित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। समिति के पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक में 24, 25 और 26 अगस्त को पोषाहार पकाने का बहिष्कार करने तथा खेरवाड़ा में पड़ाव डालने की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में एक साल से दूध गर्म करने और अप्रैल 2026 से पोषाहार पकाने का मानदेय नहीं मिलने पर कुक कम हेल्परों ने आक्रोश जताया।

कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति खेरवाड़ा के बाबूलाल ने कहा कि अफसरों और कर्मचारियों का तो महीने होते ही वेतन मिल जाता है, लेकिन सबसे कम मानदेय पर काम करने वाले कुक कम हेल्परों को तीन-चार महीने तक मानदेय नहीं दिया जाता है।

बैठक में गौतम लाल ने कहा कि वर्षों से काम करने के बावजूद उन्हें आज भी 67 रुपए दैनिक देकर वेट बेगार कराई जा रही है। वहीं कमू कुंवर ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिनी और साथीन को सरकार राखी का त्योहार मनाने के लिए 1100 रुपए की विशेष सहायता दे चुकी है, जबकि सरकार ने 1 लाख कुक कम हेल्परों को इससे भी वंचित कर दिया है।

बैठक में प्रेमलता ने 24, 25 और 26 अगस्त को पोषाहार पकाने का बहिष्कार कर सीबीईओ कार्यालय खेरवाड़ा और पंचायत समिति खेरवाड़ा के बाहर पड़ाव में शामिल होने की अपील की।

कुक कनी कुंवर ने बताया कि कुक कम हेल्परों की प्रमुख मांगों में केरल की तरह 13500 रुपए मासिक वेतन देना, प्रत्येक 50 विद्यार्थियों पर एक कुक लगाना, कुक कम हेल्परों को हर माह वेतन देना और वेतन कुक के बैंक खाते में डीबीटी से जमा कराना शामिल है। इसके साथ ही सेवारत कुक कम हेल्परों को स्थायी करने तथा किसी को भी काम से नहीं हटाने, सभी कुक को पेंशन और ग्रेच्युटी देने की मांग भी रखी गई है।

उन्होंने बताया कि पंजाब की तरह राजस्थान के कुक कम हेल्परों को भी 180 दिन का सवेतनिक प्रसूति अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और 10 दिन का मेडिकल अवकाश देने की मांग है। बाल गोपाल योजना के अंतर्गत दूध गर्म करने का वेतन बढ़ाने तथा हिमाचल प्रदेश के हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार राजस्थान के कुक कम हेल्परों के छुट्टियों का वेतन नहीं काटकर 12 माह का वेतन देने की भी मांग की गई है।

कुक कम हेल्परों से पोषाहार पकाने के अलावा बाथरूम और कमरों की साफ-सफाई कराने, झाड़ू लगाने, स्कूल के ताले खोलने और लगाने, शिक्षकों की सेवा करने जैसे समस्त काम कराने पर रोक लगाने तथा अतिरिक्त काम का अतिरिक्त भुगतान करने की मांग भी 15 सूत्रीय मांगों में शामिल है। इसके अलावा सभी कुक का बीमा कराने, पीएफ और कर्मचारी राज्य बीमा सुविधा देने तथा कुक कम हेल्परों के पोषाहार पकाने और दूध गर्म करने के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई है।

इन 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति की ओर से 24 से 26 अगस्त तक तीन दिवसीय पड़ाव की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। बैठक में मानदेय भुगतान, वेतन, स्थायीकरण, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा और कार्यदायित्व से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

Dharnendra Jain( Kherwara)

Dharnendra Jain( Kherwara)

नाम: धरणेन्द्र जैन

वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)

कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें

अनुभव: 30 वर्ष से अधिक

परिचय 

धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:

  • वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
  • उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
  • वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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