खेरोदा: प्रतापगढ़-जोधपुर रोडवेज बस का मार्ग बदलने से ग्रामीणों में भारी रोष, अधिकारियों पर मनमानी का आरोप
खेरोदा में प्रतापगढ़-जोधपुर रोडवेज बस का मार्ग बदलने से यात्रियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि सड़क खराब होने का बहाना बनाकर बस को डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे उन्हें निजी वाहनों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला और विभाग की सफाई।

खेरोदा। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के प्रतापगढ़ डिपो की कार्यप्रणाली इन दिनों विवादों के घेरे में है। प्रतापगढ़ से जोधपुर के बीच संचालित होने वाली रोडवेज बस के निर्धारित रूट में अचानक किए गए बदलाव ने खेरोदा, अमरपुरा खालसा और बासड़ा के यात्रियों के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अधिकारियों पर अपनी मनमर्जी थोपने और यात्रियों की सुविधाओं को दरकिनार करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा असंतोष व्याप्त है।
घटनाक्रम के अनुसार, इस बस का पूर्व निर्धारित मार्ग कानोड़ और भिंडर के बाद बासड़ा, अमरपुरा खालसा और खेरोदा होते हुए भटेवर से उदयपुर की ओर जाता था। लेकिन वर्तमान में बस के चालक और परिचालक कथित रूप से अधिकारियों की मिलीभगत के चलते बासड़ा से ही मार्ग बदल देते हैं। यह बस अब बासड़ा से सीधे वाना की ओर मुड़कर उदयपुर निकल जाती है, जिसके कारण खेरोदा और आसपास के सैकड़ों यात्री सड़क किनारे बस का इंतजार ही करते रह जाते हैं। इस मनमानी के चलते यात्रियों को विवश होकर निजी वाहनों और प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो न केवल असुरक्षित हैं बल्कि उनकी जेब पर भी अतिरिक्त आर्थिक भार डाल रहे हैं।
ग्रामीणों और यात्रियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार रोडवेज विभाग के आला अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीणों ने इसे रोडवेज स्टाफ की हठधर्मिता करार देते हुए कहा कि अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब देने के बजाय मामले को टाल रहे हैं। प्रशासन द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि बासड़ा से खेरोदा के बीच की सड़क जर्जर अवस्था में है, जिसके कारण बस का संचालन वहां से करना संभव नहीं है। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। बुद्धि प्रकाश पाराशर और अन्य ग्रामीणों का तर्क है कि यदि सड़क खराब है, तो अन्य डिपो की रोडवेज बसें उसी मार्ग से सफलतापूर्वक कैसे गुजर रही हैं? केवल प्रतापगढ़ डिपो की बस के लिए ही सड़क का खराब होना एक बहाना प्रतीत होता है।
इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए प्रतापगढ़ डिपो के मुख्य प्रबंधक गजानंद शर्मा ने बताया कि बासड़ा से खेरोदा तक का मार्ग अत्यधिक क्षतिग्रस्त है, जिससे बस के संचालन में तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और वाहन के रखरखाव को प्राथमिकता देते हुए ही मार्ग में यह अस्थाई बदलाव किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही संबंधित विभाग द्वारा सड़क की मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, बस का संचालन पुनः उसी मार्ग से शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, रोडवेज के इस निर्णय से आम जनता और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे परिवहन व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

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