खेरोदा में एकता की मिसाल, 10 हजार की आबादी के बीच जलती है एकमात्र होली
उदयपुर जिले के खेरोदा कस्बे में सदियों पुरानी परंपरा के तहत पूरे गांव में केवल एक स्थान पर होली दहन होता है, जहां मेवाड़ी वेशभूषा और गैर नृत्य मुख्य आकर्षण होते हैं।

खेरोदा। आधुनिकता के इस दौर में जहां हर गली-मोहल्ले में अलग-अलग होलिका दहन की परंपरा चल पड़ी है, वहीं उदयपुर जिले का खेरोदा कस्बा आज भी अपनी सदियों पुरानी एकता की मिसाल पेश कर रहा है। करीब 10000 की आबादी वाले इस कस्बे में आज भी पूरे गांव की 'एकमात्र होली' जलाने की परंपरा अटूट है। सांस्कृतिक रंग में रंगे इस कस्बे में होली के पर्व पर नजारा देखते ही बनता है। ग्रामीण अपनी पारंपरिक मेवाड़ी वेशभूषा और आन-बान-शान की प्रतीक पगड़ी धारण कर उत्सव मनाते हैं। पर्व के दिन सुबह से ही महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाए जाते हैं और मंदिरों में भक्ति का माहौल छाया रहता है।
गांधी चौक में गूंजती है गैर की थाप
होली से एक सप्ताह पूर्व ही कस्बे के गांधी चौक सहित अन्य जगहों में रौनक शुरू हो जाती है। ढोल की थाप पर युवक पारंपरिक गैर नृत्य का प्रदर्शन करते हैं। हाथों में लकड़ी और तलवारें लिए युवाओं का यह शौर्यपूर्ण नृत्य देखने के लिए दूर-दराज से लोग उमड़ते हैं।
शास्त्रोक्त विधि से दहन और भव्य आतिशबाजी
होली की शाम गांव के पंच-पटेल और प्रबुद्ध जन ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस के रूप में होली चौक पहुंचते हैं। यहाँ पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ हवन किया जाता है। हवन की पूर्णाहुति के पश्चात भव्य आतिशबाजी के बीच होलिका दहन संपन्न होता है।
धुलंडी: डीजे की धुन और सौहार्द का संगम
होली के अगले दिन धुलंडी पर पूरा कस्बा रंगों में सराबोर नजर आता है। होली चौक से शुरू होने वाला यह फाग उत्सव कस्बे के हर कोने तक पहुँचता है, जिसमें बच्चे, बूढ़े, युवा और महिलाएं सभी भेदभाव भुलाकर एक साथ डीजे की धुन पर गुलाल उड़ाते हैं। साथ ही स्थानीय माताजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन के साथ सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
