खेरोदा (26-06-2026): खेरोदा कस्बे में शुक्रवार का दिन भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी के नाम रहा, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त बना रहा। सुबह से ही आसमान में हल्के बादलों की मौजूदगी और हवा की गति थम जाने के कारण स्थानीय लोग असहनीय उमस से जूझते रहे। हालांकि, शाम ढलते ही मौसम ने करवट ली और वातावरण में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला। आसमान में उमड़ते बादलों के बीच रिमझिम और मध्यम दर्जे की बारिश का दौर शुरू हुआ, जिसने न केवल तपिश से राहत दी, बल्कि पूरे क्षेत्र के मौसम को खुशनुमा और शीतल बना दिया।

इस मूसलाधार और रिमझिम बारिश का सर्वाधिक सकारात्मक प्रभाव स्थानीय कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। लंबे समय से मानसून की प्रतीक्षा कर रहे अन्नदाताओं के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है। वर्षा की बूंदों को खेतों में गिरते देख किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि वर्तमान में हो रही यह मध्यम और रिमझिम बारिश खेतों में बुआई के कार्य और खड़ी फसलों के लिए अमृत के समान है। बारिश के आगमन के साथ ही किसान अब अपने खेतों की ओर रुख करने लगे हैं और कृषि कार्यों को पुनः गति देने की तैयारियों में सक्रियता से जुट गए हैं।

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