खेरोदा रेलवे अंडरपास में जलभराव, ग्रामीणों ने की स्थाई समाधान की मांग
निर्माण के समय पानी निकासी की समुचित योजना न होने से हल्की बारिश में ठप हुआ गुलाबनगर मार्ग, जान जोखिम में डालकर पटरी पार करने को मजबूर हजारों लोग।

खेरोदा के गुलाबनगर मार्ग पर बने रेलवे अंडरपास के नीचे बारिश का पानी जमा होने के कारण मोटरसाइकिल से रास्ता पार करते स्थानीय ग्रामीण। जलभराव के चलते क्षेत्र की कई ढाणियों और गांवों का मुख्य बाजार से संपर्क बाधित हो गया है, जिसके विरोध में निवासियों ने स्थाई तकनीकी समाधान की मांग की है।
खेरोदा कस्बे के गुलाबनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे पुलिया (अंडरपास) इन दिनों स्थानीय ग्रामीणों के लिए एक बड़ी मुसीबत का सबब बन चुकी है। आलम यह है कि क्षेत्र में हल्की सी बारिश आते ही इस पुलिया के नीचे भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता है, जिसके कारण पूरा आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। इस व्यस्त मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में ग्रामीण गुजरते हैं, क्योंकि पुलिया के दूसरी तरफ कई गांव और ढाणियां स्थित हैं। इन ग्रामीणों के लिए मुख्य बाजार और कस्बे तक पहुंचने का यही एकमात्र रास्ता है, लेकिन वर्तमान में जलभराव के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि रेलवे अंडरपास के निर्माण के समय जिम्मेदार विभाग द्वारा पानी की निकासी की कोई समुचित योजना नहीं बनाई गई, जिसका खामियाजा आज हजारों निर्दोष लोग भुगतने को मजबूर हैं। जब अंडरपास के नीचे पानी भर जाता है, तो लोगों को मजबूरन रेलवे पुलिया के ऊपर से होकर अपनी जान जोखिम में डालकर पटरी पार करनी पड़ती है। ऐसे संवेदनशील हालात में यहाँ कभी भी कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा होने का अंदेशा लगातार बना रहता है।
स्थानीय निवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन के पास इस समस्या का कोई ठोस इलाज नहीं है; हर बार बारिश होने पर प्रशासन द्वारा अस्थाई रूप से पंप चलाकर पानी निकाल दिया जाता है, जो कुछ ही घंटों बाद दोबारा भर जाता है। बार-बार की इस प्रशासनिक लापरवाही और परेशानी से तंग आकर अब ग्रामीणों ने उग्र रुख अपना लिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या के किसी स्थाई और तकनीकी समाधान की पुरजोर मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को इस दैनिक जानलेवा सफर से हमेशा के लिए निजात मिल सके।

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