खेरोदा। उदयपुर संभाग के खेरोदा कस्बे में मेवाड़ा प्रजापति समाज द्वारा आयोजित कुलदेवी श्री श्रीयादे मां एवं भगवान नृसिंह मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव अपार श्रद्धा, अटूट विश्वास और अभूतपूर्व उत्साह के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान ने संपूर्ण क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया, जिसमें संभाग के विभिन्न चौखलों से आए हजारों की संख्या में समाजजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्वान पंडित योगेश शास्त्री के वैदिक मंत्रोच्चार और एक विशाल शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें 'मां श्रीयादे' के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।



धार्मिक विधानों के अंतर्गत मंदिर के शिखर पर मुख्य कलश और ध्वजा स्थापना का दृश्य अत्यंत नयनाभिराम रहा। पंडित योगेश शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुई बोलियों के क्रम में खेरोदा निवासी बद्री लाल प्रजापत ने मुख्य कलश स्थापना का परम सौभाग्य अर्जित किया, वहीं ध्वजादंड स्थापना का अवसर श्रीमती वरजू बाई धर्मपत्नी स्वर्गीय भंवर लाल जी प्रजापत के परिवार के नाम रहा। शास्त्रोक्त परंपराओं के अनुसार जैसे ही मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई गई, उपस्थित जनसमूह ने पुष्प वर्षा कर अपनी अगाध आस्था प्रकट की। मंदिर के गर्भगृह में मूर्तियों की स्थापना भी विशेष उत्साह के साथ की गई, जिसमें नृसिंह भगवान की मूर्ति स्थापना मिठू लाल पिता खेमा प्रजापत (खेरोदा), भक्त प्रहलाद की मूर्ति लालचंद पिता जगन्नाथ प्रजापत (खेरोदा), महाआरती का सौभाग्य हनुमान पिता जगन्नाथ प्रजापत (खेरोदा) तथा पतित घंटी की स्थापना शंकर लाल पिता बद्रीलाल प्रजापत (खेरोदा) द्वारा की गई।

समारोह की अध्यक्षता बद्री लाल प्रजापत ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मेवाड़ा प्रजापति सेवा संस्थान के संरक्षक बंशी लाल प्रजापत उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर उदयपुर से श्रीमती रूपा बाई प्रजापत एवं विष्णु प्रजापत सहित विभिन्न चौखलों के प्रमुख पदाधिकारी जिनमें कैलाशपुरी संस्थान अध्यक्ष प्रकाश प्रजापत, कुम्हारवाड़ा से कैलाश प्रजापत व रोशन लाल प्रजापत, उदयपुर से राम लाल प्रजापत, सुन्दरवास से उंकार लाल व कमलेश प्रजापत, बेदला युवा अध्यक्ष धीरज प्रजापत, अम्बावेरी से धनराज कुम्हार, मेड़ता से मांगी लाल, मातृकुंडिया चौखला अध्यक्ष बालमुकुंद प्रजापत, 14 गांव चौखला अध्यक्ष राजेंद्र प्रजापत और भींडर से लोकेश प्रजापत ने शिरकत की। इस अवसर पर वक्ताओं ने सामाजिक एकता पर बल दिया। संरक्षक बंशीलाल प्रजापत ने समाज में एकजुटता लाने हेतु सामूहिक विवाह सम्मलेन के आयोजन का आह्वान किया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए हाल ही में राजकीय सेवा में चयनित प्रतिभाओं का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन लोकेश प्रजापत ने किया तथा स्वागत उद्बोधन बालूलाल प्रजापत द्वारा दिया गया। महोत्सव का समापन विशाल महाप्रसादी के साथ हुआ, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ प्रसाद ग्रहण किया।

Pratahkal HQ

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