खेरोदा/भीण्डर। राजस्थान की धरा पर एक बार फिर जनहित के मुद्दों को लेकर सियासी पारा चरम पर है। भीण्डर ब्लॉक के खेरोदा क्षेत्र में बुधवार को उस समय भारी गहमागहमी देखने को मिली, जब कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ 'मनरेगा बचाओ महासंग्राम' का बिगुल फूंक दिया। पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत के ओजस्वी नेतृत्व में आयोजित इस विशाल पैदल मार्च और चौपाल कार्यक्रम ने न केवल सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस की पैठ का भी जीवंत अहसास कराया। भीण्डर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आयोजित यह प्रदर्शन हींता और मोतीदा मंडल के विभिन्न गांवों से होकर गुजरा, जहां ग्रामीणों के भारी समर्थन ने इस आंदोलन को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया।

सुबह 11 बजे हींता मंडल की गयाना की भागल से शुरू हुआ यह संघर्ष दोपहर तक लक्ष्मी नारायण मंदिर वरणी, धारता और अंततः चारगदिया पंचायत भवन तक पहुंच गया। हाथों में झंडे और जुबां पर सरकार विरोधी नारों के साथ कार्यकर्ताओं का हुजूम जैसे-जैसे आगे बढ़ा, माहौल पूरी तरह कांग्रेसमय हो गया। चौपालों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने अत्यंत आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र की मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून के स्वरूप को बदलने की कोशिशें गरीब और मजदूर वर्ग के पेट पर लात मारने जैसी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा कोई खैरात नहीं, बल्कि ग्रामीण व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर छिनने नहीं देगी। शक्तावत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ने अपने जनविरोधी फैसलों को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन एक व्यापक और उग्र आंदोलन की शक्ल अख्तियार करेगा।

इस महासंग्राम में विधानसभा प्रभारी आशीष हल्दिनियां ने भी तीखे कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार केवल योजनाओं के नाम बदलकर वाहवाही लूटने में मशगूल है, जबकि हकीकत में किसान, मजदूर और श्रमिक वर्ग बुरी तरह त्रस्त है। इस पैदल मार्च की गूंज हींता, वरणी, धारता और चारगदिया की गलियों में साफ सुनाई दी, जहां केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस कार्यक्रम में भींडर ब्लॉक अध्यक्ष खेमराज मीणा, राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के देहात जिलाध्यक्ष माधव लाल अहीर, वल्लभनगर ब्लॉक अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश मेनारिया, हींता मंडल अध्यक्ष सम्पत सुथार और मोतीदा मंडल अध्यक्ष भंवर सिंह शक्तावत ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।

क्षेत्र के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की सूची में धारता के भेरु लाल अहीर, केदारिया के राम लाल, पूर्व सरपंच बंशी लाल गुर्जर, पंचायत समिति सदस्य नारायण गुर्जर, पूर्व सरपंच प्रभु लाल सोनी, यूथ ब्लॉक अध्यक्ष बाबु लाल गाडरी, राधेश्याम चौधरी, रणजीत चौबीसा, भेरु लाल सालवी, राजेन्द्र चौबीसा, भेरूलाल गाडरी और शिवप्रकाश गुर्जर सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कार्यकर्ता, उत्साही युवा और महिलाएं शामिल रहीं। आंदोलन की यह मशाल अब थमने वाली नहीं है; अगले चरण में यह पैदल मार्च कानोड़ तहसील के आकोला, सारगपुरा, लुणदा, अमरपुरा जागीर, पीथलपुरा खेड़ी और कानोड़ नगरपालिका क्षेत्र तक पहुंचेगा। यह महासंग्राम इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में मनरेगा और ग्रामीण रोजगार एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story