खेरोदा, 09 सितंबर 2026। पर्यूषण महापर्व के पावन अवसर पर मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि म.सा. ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म आत्मा के लिए अत्यंत आवश्यक है और यही मानव जीवन का सच्चा आधार है। बिना धर्म के वास्तविक जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। धर्म का स्वरूप अत्यंत महान है, जो आत्मा के जन्मों-जन्मों के दुखों को हरकर उसे परम सुख की प्राप्ति कराता है। जिस जीवन में धर्म का अभाव होता है, वहां घोर अंधकार छा जाता है। धर्म ही वह अलौकिक शक्ति है, जो एक साधारण नर को नारायण बनाने का सामर्थ्य रखती है।

सत्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कोमल मुनि ने कहा कि सत्य ही धर्म की वास्तविक नींव है। सत्य से ही धर्म का प्रादुर्भाव होता है और सत्य के आचरण से अधर्म का नाश होता है। संसार में अंततः सत्य की ही विजय होती है और सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता।


पर्यूषण महापर्व के दूसरे दिवस के संदर्भ में पूज्य मुनिश्री ने कहा कि आज के दिन राग और द्वेष रूपी दो बंधनों पर गहरा चिंतन करना चाहिए, क्योंकि यही हमारे वास्तविक और मूल शत्रु हैं। मानव जीवन में आत्म-चिंतन की अनिवार्यता बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को विचार करना चाहिए कि जीवन, संसार और आत्मा का वास्तविक स्वरूप क्या है। जब मनुष्य को इन गूढ़ प्रश्नों का सम्यक् बोध और ध्यान होगा, तभी जीवन में सच्ची समृद्धि और आत्म-कल्याण संभव हो सकेगा।

धर्मसभा में अध्ययनशील, सेवारत्न हर्षित मुनि म.सा. और नवदीक्षित अरुण मुनि ने ‘अंतगढ़ सूत्र’ का वाचन किया। उन्होंने बताया कि सूत्र के तीसरे वर्ग में 13 महापुरुषों के प्रेरक जीवन का वर्णन मिलता है, जो सभी के लिए अनुकरणीय हैं। जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी माता की इच्छा पूर्ण करने के लिए ‘तेला तप’ कर हरिणीगमेशी देव को प्रसन्न किया था, उसी प्रकार सभी को अपने माता-पिता की भावना और आज्ञा का सम्मान करते हुए उनकी सेवा में सदैव तत्पर रहना चाहिए।

पर्यूषण महापर्व के अवसर पर खेरोदा में आयोजित धर्मसभा में दिए गए प्रवचन में धर्म, सत्य, आत्म-चिंतन तथा राग-द्वेष से मुक्ति के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। मुनिश्री के संदेश ने धर्म के माध्यम से आत्म-कल्याण और माता-पिता की सेवा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

Budhi prakash parashar (Udaipur)

Budhi prakash parashar (Udaipur)

नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार

परिचय 

बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:

  • वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
  • उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।

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