खेरोदा कस्बे के जाटों के मोहल्ले में संग्रामपुरा (खेरोदा) के कलाकारों ने मेवाड़ के प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनाट्य गवरी का भव्य मंचन किया। धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़े इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। ढोल-मांदल और थाली की गूंज के बीच कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मंचन के दौरान कलाकारों ने कालू कीर, चोर-पुलिस, हत्या डाडमा, कान्हा-गुजरी, राजा-रानी और बंजारा-चौथ माता सहित कई पारंपरिक खेलों का शानदार अभिनय किया। हास्य, व्यंग्य और भक्ति से भरपूर इन प्रसंगों ने दर्शकों को दिनभर बांधे रखा।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया। गवरी के पारंपरिक पात्रों और प्रसंगों के मंचन से जाटों का मोहल्ला दिनभर गवरी के रंग में रंगा नजर आया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य बना दिया।

मेवाड़ की पारंपरिक लोकनाट्य शैली गवरी के इस मंचन में संग्रामपुरा (खेरोदा) के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया। आयोजन के दौरान ढोल-मांदल और थाली की गूंज के साथ पारंपरिक खेलों का सिलसिला चलता रहा।

Budhi prakash parashar (Udaipur)

Budhi prakash parashar (Udaipur)

नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार

परिचय 

बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:

  • वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
  • उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।

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