खेरोदा कस्बे के जैन स्थानक भवन में चल रहे चातुर्मास के दौरान 13-09-2026 को आयोजित धर्म सभा में मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि म.सा. ने श्रद्धालुओं को आत्म-समीक्षा, सहनशक्ति और समभाव का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को दूसरों की परनिंदा और व्यर्थ की पंचायत से बचना चाहिए। दूसरों को धोखा देकर कोई भी व्यक्ति कभी सुखी नहीं हो सकता।

गुरुदेव कोमल मुनि ने कहा कि सच्चा धर्म यही सिखाता है कि दूसरों की कमियां तलाशने में अपना समय नष्ट करने के बजाय व्यक्ति को स्वयं की कमियों को पहचानकर उन्हें सुधारना चाहिए। जो हमारे लिए अच्छा करता है, वह हमारा शुभचिंतक है और जो बुरा करता है, वह अपने कर्मों का फल स्वयं भुगतता है।

मानव जीवन की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए गुरुदेव कोमल मुनि ने कहा कि शरीर की शक्ति तो पशु भी बढ़ा लेते हैं, लेकिन मनुष्य को अपनी आंतरिक आत्मिक शक्ति और सहनशक्ति को बढ़ाना चाहिए। उन्होंने अहंकार को विष (जहर) के समान बताते हुए कहा कि इतिहास गवाह है, अहंकार करने वाला कभी अमर नहीं रहा। इसलिए जीवन में कभी किसी बात या स्थिति का घमंड नहीं करना चाहिए।

जीवन के शाश्वत सत्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सुख और दुख दोनों क्षणिक हैं। इसलिए दुख आने पर रोना नहीं चाहिए और सुख आने पर इतराना नहीं चाहिए, बल्कि मनुष्य को सदैव समभाव में रहना चाहिए।

इसी धर्म सभा में अध्ययनशील और सेवारत्न हर्षित मुनि ने श्रावक-श्राविका के 21 गुणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रावकों को अनीति, अन्याय और अनाचार से हमेशा दूर रहना चाहिए। एक सच्चे श्रावक की प्रतिष्ठा और आचरण इतना पवित्र होना चाहिए कि यदि वह राजा के अंतःपुर में भी जाए, तो उस पर कोई संदेह न करे।

हर्षित मुनि ने श्रद्धालुओं को दान के लिए हमेशा तैयार रहने, अपने द्वार खुले रखने और बड़े भक्ति भाव से श्रमण-श्रमणियों को सुपात्र दान देने की प्रेरणा दी।

वर्द्धमान जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष सुनील कूकड़ा और मंत्री मुकेश डांगी ने बताया कि खेरोदा के जैन स्थानक भवन में चातुर्मास के कार्यक्रम पूरे उल्लास के साथ चल रहे हैं और यहां तपस्या के ठाठ भी जमे हुए हैं। आज की धर्म सभा में गुरुभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। उदयपुर, भिंडर, भटेवर, मेनार, चित्तौड़गढ़, वाना सहित आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और प्रवचन श्रवण के लिए उपस्थित हुए।

Budhi prakash parashar (Udaipur)

Budhi prakash parashar (Udaipur)

नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार

परिचय 

बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:

  • वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
  • उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।

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