खेरोदा में धर्मसभा में बोले कोमल मुनि जी, सौम्यता और विवेक से मिलेगी अध्यात्म की राह
खेरोदा के जैन स्थानक भवन में धर्मसभा में कोमल मुनि जी ने सौम्यता, विवेक, संयम और आत्म-शोध का संदेश दिया। हर्षित मुनि जी ने आचार्य शिवमुनि महाराज के जन्मोत्सव को प्रकाशोत्सव बताया।

तस्वीर में खेरोदा के जैन स्थानक भवन में आयोजित धर्मसभा के दौरान संतगण श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं।
खेरोदा में चातुर्मास के दौरान जैन स्थानक भवन में आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक धर्मसभा में पूज्य गुरुदेव कोमल मुनि जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वभाव में सौम्यता और विवेक ही अध्यात्म की सच्ची राह है। उन्होंने कहा कि अध्यात्म की पावन यात्रा स्वभाव में चंद्रमा जैसी सौम्यता और शीतलता धारण करने से शुरू होती है। मन में सहज शांति और मुस्कान उतरने पर अंतर में विवेक का प्रकाश जाग्रत होता है, जो मनुष्य को सत्य और असत्य का बोध कराता है।
कोमल मुनि जी ने कहा कि विवेक के माध्यम से जब इंद्रियां नियंत्रित होती हैं, तो वे आत्म-शोध का माध्यम बन जाती हैं। संसार में जन्म और मरण से बड़ा कोई संकट नहीं है। इसलिए नश्वर धन-दौलत और पद की तृष्णा त्यागकर धर्म और संयम की शरण लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष भाव और धैर्य के साथ जीवन जीने वाला साधक ईर्ष्या, षड्यंत्र और छल से दूर रहता है। वह पुरुषार्थ के बल पर आगे बढ़ता है और समाज में संघ-एकता का संचार करता है। मुनि श्री ने कहा कि शरीर नश्वर है, जबकि असली सुंदरता आत्मा के दया, क्षमा, प्रेम और भक्ति रूपी गुणों में समाहित है। इन गुणों को सँवारकर ही मनुष्य तनावमुक्त होकर भवसागर पार कर सकता है।
धर्मसभा को अध्ययनशील सेवा रत्न हर्षित मुनि जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परम पूज्य आचार्य शिवमुनि महाराज साहब का जन्मोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि ‘प्रकाशोत्सव’ है। आचार्य श्री की गहन ध्यान साधना संपूर्ण समाज के लिए निरंतर प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जनसमूह से नियमित ध्यान साधना अपनाने, अपने मूल स्वरूप को पहचानने और जीवन को सार्थक दिशा देने का आह्वान किया।
वर्द्धमान जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष सुनील कूकड़ा एवं मंत्री मुकेश डांगी ने बताया कि चातुर्मास के पावन अवसर पर इन दिनों खेरोदा में धर्म-आराधना के साथ तपस्या का जबर्दस्त ठाठ चल रहा है। श्रावक-श्राविकाएं उत्साहपूर्वक उपवास, आयंबिल और एकासन जैसी कठिन तपस्याएं कर आत्म-कल्याण के मार्ग पर अग्रसर हैं।
धर्मसभा में बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। चातुर्मास के दौरान धर्मसभा के साथ तपस्या और साधना का यह क्रम खेरोदा में धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
