खेरोदा में बोले मुनि कोमल: भावी चौबीसी के पहले तीर्थंकर बनेंगे भगवान श्री कृष्ण
जैन स्थानक में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि कोमल ने श्री कृष्ण के सम्यक्त्व और भावी 'अमम' तीर्थंकर बनने के संदर्भ पर प्रकाश डाला।

तस्वीर में खेरोदा के जैन स्थानक भवन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते जैन मुनि।
खेरोदा कस्बे के जैन स्थानक भवन में 4 सितंबर 2026 को मेवाड़ उपप्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जैन दर्शन में भगवान श्री कृष्ण को 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के समकालीन, नवें वासुदेव और सम्यक् दृष्टि आत्मा के रूप में स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि जैन आगमों में स्पष्ट घोषणा है कि वर्तमान में नरक गति का दुःख सहन कर रहा श्री कृष्ण का जीव अपने पूर्व अर्जित सम्यक् दर्शन और धर्म-अनुराग के प्रभाव से आने वाली भावी चौबीसी में ‘अमम’ नाम के प्रथम तीर्थंकर के रूप में अवतरित होगा।
गुरुदेव कोमल मुनि ने कहा कि यह प्रसंग सिखाता है कि कोई भी जीव वर्तमान में चाहे कितनी भी विषम परिस्थिति में क्यों न हो, यदि भीतर सम्यक्त्व का बीज रोपित है तो वह एक दिन सर्वोच्च तीर्थंकर पद को अवश्य प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कर्म और सम्यक्त्व के विवेक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री कृष्ण ने जीवन भर धर्म की रक्षा और प्रजा का पालन किया, यद्यपि युद्ध व स्थिति-जन्य हिंसा के कारण कर्म-बंध भी हुआ।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद धर्म के प्रति श्री कृष्ण की अटूट श्रद्धा और तीर्थंकर प्रभु के प्रति अनन्य समर्पण ने उनकी आत्मा में मोक्ष मार्ग की योग्यता सुरक्षित रखी। जन्माष्टमी का पर्व यह संदेश देता है कि किसी भी जीव को उसके वर्तमान रूप से नहीं आंका जाए, क्योंकि हर आत्मा में परमात्मा बनने का सामर्थ्य विद्यमान है। आज प्रत्येक व्यक्ति को परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, अपनी आत्मा में सम्यक् दर्शन और धर्म के प्रति दृढ़ निष्ठा बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।
सभा में अध्ययनशील, सेवारत्न हर्षित मुनि एवं नवदीक्षित अरुण मुनि ने कहा कि श्री कृष्ण का संपूर्ण जीवन अपार प्रेरणाओं का स्रोत है और उनकी जैसी निस्वार्थ मित्रता का उदाहरण आज मिलना दुर्लभ है। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि हम स्वयं संयम पथ अंगीकार न भी कर सकें तो कम से कम श्री कृष्ण के आदर्शों पर चलकर किसी अन्य के संयम मार्ग में सच्चे सहयोगी अवश्य बन सकते हैं।
फोटो 01 खेरोदा में प्रवचन देते हुए मुनि श्री
फोटो बुद्धि प्रकाश पाराशर खेरोदा

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
