खेरोदा कस्बे में डिजिटल सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले पोस्ट ऑफिस में पिछले एक सप्ताह से इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। डिजिटल इंडिया के दावों के बीच यह डाकघर सर्वर की तकनीकी खराबी के कारण मानो शोपीस बनकर रह गया है। रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए पोस्ट ऑफिस पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों को अब भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इंटरनेट सेवा ठप होने से बैंकिंग लेन-देन, सुकन्या समृद्धि योजना, रजिस्ट्री संबंधी कार्य और बचत खातों से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ठहर गए हैं। ग्रामीण रोजाना उम्मीद लेकर पोस्ट ऑफिस पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपने बैंकिंग कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों या निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अनावश्यक बर्बादी हो रही है।

ग्रामीणों और खाताधारकों का आरोप है कि इस तकनीकी खराबी को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सर्वर डाउन रहने की समस्या यहां पहले भी सामने आती रही है, लेकिन इस बार एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद समाधान न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को झेलनी पड़ रही है, जो अपनी पेंशन राशि के लिए बार-बार पोस्ट ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इंटरनेट सेवा बहाल नहीं की गई, तो वे उच्चाधिकारियों के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। खेरोदा में पोस्ट ऑफिस के बाहर उपभोक्ताओं की यह व्यथा स्थानीय फोटोग्राफर बुद्धि प्रकाश पाराशर द्वारा कैमरे में कैद की गई है, जो हालात की गंभीरता को बयां करती है।

Pratahkal Bureau

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